यहां चल रहे कॉमनवेल्थ खेलों की 50 मीटर पिस्टल स्पर्द्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाले सेना के 26 वर्षीय शूटर जीतू राय के लिए 2014 उनके सपनों को पंख देने वाला वर्ष साबित हुआ है।
नेपाल में जन्म लेने वाले जीतू उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रहते हैं। इस युवा शूटर ने इसी साल 11 जून को म्यूनिख में हुए वर्ल्ड कप में रजत पदक हासिल किया था। अपनी इस सफलता को जीतू ने जून में ही मेरिबोर में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में भी कायम रखा।
यहां जीतू ने 50 मीटर स्पर्द्धा में रजत पदक जबकि 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण पदक हासिल किया। सिर्फ नौ दिन के अंदर जीतू ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीन पदक जीतकर जता दिया कि वह ग्लासगो कॉमनवेल्थ खेलों में अपना दमखम दिखाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
इसके साथ ही एक ही वर्ल्ड कप में दो पदक जीतने वाले जीतू पहले भारतीय भी बन गए। इन लगातार सफलता ने जीतू को रैंकिंग में भी जबरदस्त उछाल दिलाई और वह 10 मीटर एयर पिस्टल में दुनिया के नंबर वन शूटर बन गए। वहीं 50 मीटर एयर पिस्टल में वह दुनिया के नंबर चार शूटर बन गए।
2007 से प्रतियोगिताओं में शिरकत करने वाले जीतू को सफलता काफी लंबे समय बाद मिली। यह सेना का अनुशासन, कड़ी मेहनत और कभी न हार मानने वाली हिम्मत ही है जिसने उन्हें 20वें कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्णिम सफलता दिलाई।
यह जीतू का पहला कॉमनवेल्थ गेम्स है और इतने बड़े मंच पर दबाव होना लाजिमी होता है लेकिन उन्होंने इस अपने ऊपर किसी तरह के दबाव को हावी नहीं होने दिया। जीतू के इस गोल्डन प्रदर्शन ने कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय शूटरों के दबदबे को भी कायम रखा।
दिलचस्प बात यह है कि फाइनल में गोल्ड और सिल्वर मेडल के लिए लड़ाई दो भारतीय के बीच ही थी। जीतू के सामने उनके प्रतिद्वंद्वी हमवतन गुरपाल सिंह थे जिन्हें रजत पदक मिला।
जीतू ने 194.1 अंकों के साथ जबकि गुरपाल ने 187.2 अंकों के साथ अपना-अपना पहला कॉमनवेल्थ पदक हासिल किया। ऑस्ट्रेलिया के डेनिएल रेपाचोली को कांस्य पदक मिला। बैरी बडन शूटिंग रेंज में भारतीय शूटरों ने अब तक चार स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य पदक हासिल कर लिया है।
वहीं, भारत का इन खेलों में यह सातवां स्वर्ण पदक है और वह कुल सात स्वर्ण, 11 रजत और सात कांस्य सहित 25 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया।