पदक की सालगिरह का तोहफा
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने उनके पदक जीतने की 110 वीं सालगिरह पर शुक्रवार को यह घोषणा करने का निर्णय लिया। आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बाक ने कहा- हम इस फैसले का स्वागत करते हैं, अंतत: एक हल निकल पाया। यह एक असाधारण और अनूठी स्थिति थी।
जिम थॉर्पे
ओलंपिक में एमेच्योर (गैर-पेशेवर) खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। खेल के बदले पैसा मिलना एमेच्योर प्रवृति के विपरीत माना गया। उनके पदक छीन लिए गए और तब इसे अंतरराष्ट्रीय खेलों का पहला बड़ा स्कैंडल माना गया था। थोर्प की गिनती हमेशा सर्वकालिक महान एथलीटों में होती रही है। उन्हें 1950 में एसोसिएट प्रेस ने अर्द्धशताब्दी का श्रेष्ठ एथलीट चुना था। थोर्पे के दबदबे का यह आलम था कि पेंटाथलान (पांच खेलों की स्पर्धा) में उनके अंक लगभग तीन गुणा और डेकाथलान में दूसरे स्थान पर रहे खिलाड़ी से 688 ज्यादा रहे।
दो साल पहले ब्राइट पाथ स्ट्रांग समूह ने एक याचिका डाली थी जिसमें उन्हें 1912 में दोनों स्पर्धाओं का विजेता घोषित करने की पैरवी की गई थी। अब आईओसी ने उन्हें अधिकृत रिकॉर्ड बुक में शामिल कर लिया है। आईओसी का कहना है कि वर्ल्ड एथलेटिक्स भी अपने रिकॉर्ड में संशोधन को तैयार हो गया है।