भारतीय सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा ने एशियन गेम्स में पुरुष एकल स्पर्धा में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतकर देश को इस खेल में पहला एशियाई खेल पदक दिलाया। 28 वर्षीय मीणा ने सेमीफाइनल में जापान के ताकुया कुरोसाका से 2-4 से हारने के बावजूद कांस्य पदक पक्का किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद उन्होंने 2030 में अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर बड़ा बयान दिया। मीणा ने कहा कि अगर सॉफ्ट टेनिस को इन खेलों में शामिल किया जाता है तो भारतीय टीम पांचों स्वर्ण पदक जीत सकती है।
'सॉफ्ट टेनिस शामिल हुआ तो पांचों गोल्ड भारत के नाम होंगे'
जय मीणा ने आईएएनएस से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वादा करते हुए कहा कि अगर 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में सॉफ्ट टेनिस को जगह मिलती है तो भारत सभी पांच स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करेगा। उन्होंने कहा, 'अगर 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स में सॉफ्ट टेनिस को शामिल किया जाता है, तो मैं यह बात सभी के सामने कहना चाहता हूं। मैं आपसे वादा करता हूं। मैं व्यक्तिगत रूप से हमारे प्रधानमंत्री से वादा करता हूं कि सॉफ्ट टेनिस में पांचों गोल्ड मेडल भारत के नाम होंगे।' मीणा ने आगे कहा, 'मुझे अपनी टीम पर भरोसा है। यही समर्पण हमें आत्मविश्वास देता है। हम उस स्तर पर पदक जीतने के हकदार हैं।'
जय मीणा
- फोटो : IANS
लॉन टेनिस कोर्ट पर ही हो सकता है सॉफ्ट टेनिस
मीणा ने सरकार से सॉफ्ट टेनिस को आगे बढ़ाने के लिए समर्थन जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस खेल के लिए अलग से बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं है और मौजूदा लॉन टेनिस कोर्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा, 'सॉफ्ट टेनिस एक ऐसा खेल है जिसके लिए आपको अलग से इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की जरूरत नहीं है। यह लॉन टेनिस कोर्ट पर खेला जाता है—चाहे वह ग्रास कोर्ट हो, क्ले कोर्ट हो या सिंथेटिक कोर्ट। आपके पास होटल, रहने की जगह और कोर्ट पहले से मौजूद हैं। इस खेल को आगे बढ़ाने के लिए और क्या चाहिए?'
क्वार्टर फाइनल में पिछड़ने के बाद की शानदार वापसी
जय मीणा का ऐतिहासिक कांस्य आसान सफर के बाद नहीं आया। भारत की पुरुष टीम 18 सितंबर को इंडोनेशिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गई थी। इसके बाद मीणा और आध्या तिवारी की जोड़ी भी मिश्रित युगल के प्री-क्वार्टर फाइनल में हार गई। इसके बावजूद मीणा ने पुरुष एकल में शानदार प्रदर्शन किया। क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के शेरविन नुगुइट के खिलाफ वह निर्णायक गेम में 3-5 से पीछे थे। इसके बाद उन्होंने लगातार चार अंक जीतकर गेम 4-3 से अपने नाम किया और सेमीफाइनल में जगह बनाते हुए भारत का सॉफ्ट टेनिस में पहला एशियन गेम्स पदक पक्का कर दिया। सेमीफाइनल में जापान के ताकुया कुरोसाका ने उन्हें 4-2 से हराया, लेकिन अंतिम चार में पहुंचने के साथ मीणा का कांस्य पदक तय हो चुका था।
जय मीणा
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'अब हर भारतीय मेडल जीतने का सपना देख सकता है'
- ऐतिहासिक पदक जीतने के बाद मीणा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी उपलब्धि भारत में सॉफ्ट टेनिस को लोकप्रिय बनाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा, 'मुझे गर्व है कि मैं यह मेडल जीतने वाला पहला भारतीय हूं। मुझे इस बात पर गर्व है कि यह मेडल भारत में बदलाव लाएगा। मुझे गर्व है कि अब हर भारतीय मेडल जीतने का सपना देख सकता है, क्योंकि मेरे देश में किसी ने पहले ही मेडल जीत लिया है। इसलिए, मैं भी मेडल जीत सकता हूं; अब भारत में सॉफ्ट टेनिस की एक नई लहर आएगी। खेल में बहुत सुधार होगा।'
- मीणा ने अपने पदक का श्रेय कोच, फेडरेशन, टीम साथियों और सरकार के सहयोग को भी दिया। उन्होंने बताया कि वह टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप (TAGG) कार्यक्रम का हिस्सा हैं और सरकार की ओर से उन्हें उपकरण, कैंप और प्रशिक्षण की सुविधाएं मिलीं।
- उन्होंने कहा, 'सरकार ने हमें बहुत सपोर्ट दिया है। हमें इक्विपमेंट, कैंप और ट्रेनिंग की जरूरत थी। सरकार ने हमारे लिए सब कुछ किया है। इसलिए, मेडल जीतना हमारा फर्ज था। मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि मैं भारत को यह मेडल दिला पाया।'
जय मीणा
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कोच सुदेश सांगटे बोले '22 साल की मेहनत आज पूरी हुई'
जय मीणा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को उनके कोच सुदेश सांगटे ने अपनी 22 साल की मेहनत का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि जब जय सिर्फ 10 साल के थे, तभी से वह उनके साथ सॉफ्ट टेनिस पर काम कर रहे हैं। सांगटे ने कहा, 'हमने 22 साल तक कड़ी मेहनत की है। जब जय 10 साल का था, तभी से मैं उसके साथ सॉफ्ट टेनिस खेल रहा हूं। उसने सिंगल्स, मिक्स्ड डबल्स और विश्व चैंपियनशिप में भी पदक जीते हैं। उसने भारत को यह ऐतिहासिक तोहफा दिया है। मैं बेहद खुश और भावुक हूं।' उन्होंने आगे कहा, 'मैदान पर मेरी आंखों से आंसू निकल आए। मेरी 22 साल की मेहनत आज पूरी हो गई। उम्मीद है कि भारत में और भी बच्चे सॉफ्ट टेनिस खेलेंगे और हम भविष्य में कई पदक जीतेंगे।'
जापान में 20 दिन का कैंप, खिलाड़ियों ने झेली खाने की परेशानी
सांगटे ने एशियन गेम्स से पहले जापान में लगाए गए 20 दिन के प्रशिक्षण शिविर के लिए भारत सरकार का आभार जताया। उन्होंने इसे टीम के लिए काफी मददगार बताया। कोच ने कहा, 'पिछले 20 दिनों से यहां प्रशिक्षण शिविर लगाया गया था। उनकी मेहनत का हमें बहुत फायदा मिला। यह पहली बार है जब भारतीय सॉफ्ट टेनिस टीम ने सिंगल्स में एशियन गेम्स पदक जीता है। हमने इतिहास रच दिया है।' हालांकि, टीम को जापान में खाने से जुड़ी परेशानी का भी सामना करना पड़ा। सांगटे ने बताया कि खिलाड़ी भारत से कुछ खाद्य सामग्री लेकर गए थे और खुद खाना बनाकर खाते थे।
जय मीणा
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विश्व पदक से एशियन गेम्स के इतिहास तक
जय मीणा इससे पहले भी भारतीय सॉफ्ट टेनिस में कई उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं। उन्होंने 2022 राष्ट्रीय खेलों में पुरुष एकल का स्वर्ण जीता और 2025 में राष्ट्रीय चैंपियन बने। 2024 विश्व सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में आध्या तिवारी के साथ मिश्रित युगल में उन्होंने भारत को पहला विश्व पदक दिलाया। इसके अलावा 2025 एशियन सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में भी वह पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। अब एशियन गेम्स का कांस्य उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। साथ ही, 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में सॉफ्ट टेनिस को शामिल किए जाने पर पांचों स्वर्ण पदक जीतने का उनका वादा इस ऐतिहासिक पदक के बाद चर्चा में है।