ज्योति सुरेखा वेन्नम, परनीत कौर और पदार्पण कर रही 16 वर्षीय पृथिका प्रदीप की तिकड़ी स्वर्ण पदक की ओर बढ़ती दिख रही थी लेकिन चीनी ताइपे से हारकर स्वर्ण पदक से चूक गई।
भारतीय महिला कंपाउंड टीम और मिश्रित टीम ने तीरंदाजी विश्व कप के चौथे चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रमशः रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए। भारत के लिए ज्योति सुरेखा वेन्नम पदकों की हैट्रिक लगाने की ओर बढ़ रही है। पदक जीतने के बावजूद इस प्रदर्शन ने मुश्किल परिस्थितियों के दबाव में भारतीय तीरंदाजों की अक्षमता को उजागर कर दिया।
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क्वालीफिकेशन दौर में कुल 2116 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल करने वाली ज्योति सुरेखा वेन्नम, परनीत कौर और पदार्पण कर रही 16 वर्षीय पृथिका प्रदीप की तिकड़ी स्वर्ण पदक की ओर बढ़ती दिख रही थी और तीसरे दौर के बाद 170-169 की बढ़त बनाए थी। लेकिन यह तिकड़ी निर्णायक क्षण में आए दबाव में लड़खड़ा गई और चीनी ताइपे से 225-227 से हारकर स्वर्ण पदक से चूक गई।
इसके बाद मिश्रित टीम स्पर्धा में ज्योति और ऋषभ यादव की शीर्ष वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने 10वीं वरीयता प्राप्त एल साल्वाडोर की पाओला कोराडो और डगलस व्लादिमीर नोलास्को की जोड़ी को 156-153 से हराकर कांस्य पदक जीता। भारतीय मिश्रित जोड़ी ने पहले दिन कुल 1431 अंकों के साथ क्वालीफाइंग विश्व रिकॉर्ड तोड़ा था। भारतीय मिश्रित जोड़ी शुक्रवार को सेमीफाइनल में उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी थी और 12वीं वरीयता प्राप्त नीदरलैंड से 152-155 से हार गई थी। ज्योति व्यक्तिगत स्पर्धा में परनीत कौर के साथ भी प्रतिस्पर्धा में हैं और दोनों तीरंदाजों को दिन में अपने-अपने सेमीफाइनल में भाग लेना है।