भारतीय महिला रिकर्व टीम ने मंगलवार को 2016 रियो ओलंपिक के लिए कोटा स्थान हासिल कर लिया। हालांकि भारतीय पुरुष टीम विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप में बढ़त हासिल करने के बाद लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी।
कोपेनहेगन (डेनमार्क) में खेले जा रहे चैंपियनशिप में भारतीय महिला तीरंदाजों दीपिका कुमारी, लक्ष्मी रानी मांझी और रिमिल बुरुलि ने फाइनल में प्रवेश कर लिया। भारतीय टीम ने सातवीं वरीयता की जर्मनी की बेहतर रैंकिंग की टीम के खिलाफ दबाव पर काबू पाकर एकाग्रता बनाए रखते हुए 5-3 से जीत हासिल कर अंतिम आठ में प्रवेश किया।
उसके बाद कोलंबिया को क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में जापान को टाईब्रेकर में हराया। फाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला रूस से होगा।
जर्मनी के खिलाफ मुकाबले में एक समय भारतीय महिला तिकड़ी 1-3 से पिछड़ रही थी। इस जीत से भारतीय टीम ने क्वार्टर फाइनल में स्थान बनाया जोकि अगले साल ब्राजील के रियो डि जेनेरियो में होने वाले ओलंपिक में खेलने की पात्रता है।
कोच पूर्णिमा महतो के मार्ग-निर्देशन में खेल रही भारतीय टीम ने जबर्दस्त हौसला दिखाया। जर्मनी की टीम में करीना विंटर, एलेने रिचटर और लिसा उनरुह शामिल थी।
पुरुष टीम के पास व्यक्तिगत मुकाबलों में मौका
भारतीय पुरुष तीरंदाज राहुल बनर्जी, मंगल सिंह चंपिया और जयंत तालुकदार इटली के खिलाफ टाईब्रेकर में हार गए। एक समय भारतीय टीम ने 4-2 की बढ़त बना रखी थी लेकिन दूसरी वरीयता की इटली की टीम के खिलाफ टाईब्रेकर में भारत को 26-29 से हार का सामना करना पड़ गया।
भारतीय पुरुष तीरंदाजों के पास बुधवार से शुरू हो रहे व्यक्तिगत मुकाबलों में ओलंपिक टिकट हासिल करने का मौका है।