हॉकी वर्ल्ड सेमीफाइनल्स के प्लेऑफ मैच में शनिवार को जापान के खिलाफ 1-0 की जीत से टूर्नामेंट में पांचवां स्थान तो मिला ही साथ ही अगले साल रियो में होने वाले ओलंपिक में खेलने की उम्मीदें भी परवान चढ़ गई हैं।
पिछली बार भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1980 मास्को ओलंपिक में हिस्सा लिया था। जापान के खिलाफ जीत ने भारतीय महिला टीम के लिए ओलंपिक प्रवेश की 36 बरसों की खाई पाटने की संभावनाएं प्रबल कर दी हैं।
यह मैच मास्को से रियो के सफर में एक अहम कड़ी बन सकता है। हालांकि पूरी तस्वीर महाद्वीपीय क्वालीफाइंग टूर्नामेंट पूरे होने के बाद अक्तूबर में ही अधिकृत तौर पर साफ होगी।
भारतीय टीम ने पहले क्वार्टर में ही खाता खोल लिया था जब बाएं छोर से वंदना कटारिया ने जोरदार फर्राटा भरते हुए सर्किल में प्रवेश किया था और रिवर्स फ्लिक लगाई थी।
जापानी गोलची ने एकबारगी प्रयास को विफल कर दिया था लेकिन रिबाउंड पर रानी रामपाल ने दमदार हिट से गोल कर दिया। भारतीय टीम ने इससे पहले जापान को पिछले साल अक्तूबर में इंचियोन एशियाड में हराकर कांस्य पदक पर कब्जा किया था।
जापान ने 20वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन हाजुकी का शॉट निशाने पर नहीं था। भारतीय टीम के पास 25वें मिनट में बढ़त को दुगनी करने का मौका था लेकिन वंदना साथी खिलाड़ी को सही पास नहीं दे पाईं। जापान को मध्यांतर से पहले भी मौका मिला था लेकिन शॉट निशाने पर नहीं लगा।
भारतीय रक्षक मोनिका ने 38वें मिनट में गोललाइन पर अच्छा बचाव कर लिया। अंतिम क्वार्टर में जापान पूरी तरफ आक्रमण पर उतारू था लेकिन भारतीय गोलकीपर सविता के इरादे ज्यादा मजबूत निकले।
ऐसे बनेगी ओलंपिक में खेलने की सूरत
हॉकी वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल्स की शीर्ष तीन टीमें ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगी। हाल ही में वैलेंसिया में भी हॉकी वर्ल्ड सेमीफाइनल्स दौर हुआ और वहां भी तीन टीमों जर्मनी, ब्रिटेन और चीन ने पात्रता हासिल की।
मगर महाद्वीपों की चैंपियन टीमों के लिए ओलंपिक टिकट का अलग से भी प्रावधान है। ऐसे में जो टीमें दोहरा क्वालीफिकेशन हासिल करेंगी, उनकी जगह उन टीमों के लिए भी ओलंपिक प्रवेश की संभावना बनेगी जो सेमीफाइनल्स की अंतिम चार टीमों में नहीं पहुंच सकीं हैं।
मसलन एंटवर्प में फाइनल में पहुंची द. कोरिया की टीम एशियन गेम्स विजेता होने के कारण पहले ही क्वालीफाई कर चुकी है। ऐसे में तीन टीमें नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड होती हैं। अगस्त में यूरोपियन कप होना है उसमें अगर ब्रिटेन, नीदरलैंड या जर्मनी की टीमें चैंपियन बनती है तो भारत को मौका मिलेगा।
अक्तूबर में ओसनिया चैंपियनशिप होगी। यदि उसमें ऑस्ट्रेलिया या न्यूजीलैंड चैंपियन बनता है तो भी भारत को मौका मिलेगा।
मास्को ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहा था भारत
महिला हॉकी को ओलंपिक में 1980 में शामिल किया गया था। तब भाग लेने वाली छह टीमों में भारतीय टीम शामिल थी। जिम्बाब्वे की टीम ने स्वर्ण पदक जीता था। भारतीय टीम को चौथा स्थान मिला था।
रानी का गोल, सविता बनीं जीत की क्वीन
भारत की ओर से निर्णायक गोल रानी ने 13वें मिनट में किया लेकिन जीत की क्वीन तो गोलकीपर सविता बनीं जो जापान के बराबरी करने के मंसूबों में मानो दीवार बनकर खड़ी हो गई। खासतौर पर अंतिम क्वार्टर में जब जापान ने पांच पेनाल्टी कार्नर हासिल किए थे।
नीदरलैंड की खिताबी जीत
विश्व और ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड ने शनिवार को हॉकी वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल्स के फाइनल मुकाबले में एशियाई चैंपियन दक्षिण कोरिया को 2-1 से हरा दिया।
कोरिया ने 34वें मिनट में किम बो मी की मदद से गोल किया था लेकिन नीदरलैंड ने मसाकर (44वां मिनट) के गोल से बराबरी की और मैच समाप्ति से तीन मिनट पहले इलेन होग ने निर्णायक गोल कर दिया। तीसरे स्थान के लिए ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को 4-2 से हराया।
कांस्य पदक के लिए ब्रिटेन से भिड़ेगा भारत
वर्ल्ड हॉकी सेमीफाइनल्स के अंतिम-4 के मुकाबले में मेजबान बेल्जियम के हाथों 0-4 से करारी शिकस्त मिलने के बाद भारतीय पुरुष टीम अब कांस्य पदक के लिए रविवार को ब्रिटेन का सामना करेगी।
अगर नौवें स्थान पर काबिज सरदार एंड कंपनी को पांचवीं रैंकिंग की टीम ब्रिटेन को हराना है तो फिर उसे अपने प्रदर्शन में खासा सुधार करना होगा। सेमीफाइनल में भारत को जहां बेल्जियम ने शिकस्त दी, वहीं ब्रिटेन को विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने 3-1 से हराकर खिताबी होड़ से बाहर किया।
वहीं खिताबी मुकाबले में रविवार को विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया और मेजबान बेल्जियम के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है।