एक गोल से बढत बनाने के बावजूद भारतीय पुरूष हॉकी टीम एफआईएच प्रो लीग के यूरोप चरण के पहले मैच में शनिवार को ओलंपिक चैम्पियन नीदरलैंड के हाथों 2-1 से हार गई। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 19वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर दागकर भारत को बढत दिला दी थी लेकिन नीदरलैंड के लिये थीज वैन डैम ने दो फील्ड गोल (25वां और 58वां मिनट) करके भारत के जीत के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
भुवनेश्वर में खेले गए प्रो लीग के घरेलू चरण में आठ मैचों में 15 अंक हासिल करके भारत तीसरे स्थान पर है। बेल्जियम और नीदरलैंड में अगले साल होने वाले विश्व कप में सीधे जगह बनाने के लिये भारतीय टीम की नजरें यूरोपीय चरण में अधिकतम अंक जुटाने पर लगी हैं लेकिन आगाज जीत के साथ नहीं हो सका।
भारतीय टीम ने शानदार शुरूआत की और अच्छे पास देकर गेंद पर नियंत्रण बनाये रखा। पहले आठ मिनट में दोनों टीमों ने रक्षात्मक हॉकी दिखाई। भारत को इसके बाद गोल करने का सुनहरा मौका मिला जब डच सर्कल के भीतर दिलप्रीत सिंह को गेंद मिली लेकिन उसे गोलकीपर मौरित्ज विसेर ने बचा लिया।
वहीं नीदरलैंड ने जवाबी हमला बोला और थियरी ब्रिंकमैन दाहिने फ्लैंक से भारतीय सर्कल में सेंध लगाने घुसे लेकिन भारतीय डिफेंडरों ने चुस्ती दिखाई। दूसरे क्वार्टर में 17वें मिनट में स्टेन वान हेइजिनिंगजेन का वार भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने बचा लिया। भारत को जवाबी हमले में पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हरमनप्रीत ने गोल दागा।
भारत की बढत हालांकि ज्यादा देर तक बरकरार नहीं रही और पांच मिनट बाद ही वैन डैम ने बराबरी का गोल दाग दिया। हाफटाइम तक स्कोर 1-1 से बराबर था। दूसरे हाफ में भारतीय फॉरवर्ड पंक्ति में तालमेल का अभाव दिखा और गोल करने के मौके भी नहीं बन सके। भारत ने इसे तोड़ने के लिये लंबे हवाई पास देने की रणनीति अपनाई लेकिन डच टीम पूरी तैयारी के साथ आई थी। तीसरे क्वार्टर में हालांकि कोई गोल नहीं हो सका।
आखिरी क्वार्टर में डच खिलाड़ियों को भारत को गेंद पर नियंत्रण बनाने ही नहीं दिया। वैन डैम ने आखिरी सीटी बजने से दो मिनट पहले एक और शानदार फील्ड गोल करके नीदरलैंड को जीत दिलाई। भारत को अब नौ जून को फिर नीदरलैंड से खेलना है। इसके बाद 11 और 12 जून को अर्जेंटीना से, 14 और 15 जून को आस्ट्रेलिया और फिर 21 और 22 जून को एंटवर्प में बेल्जियम से खेलना है।