चैंपियन भारतीय टीम को हरमनप्रीत सिंह के रूप में एक नया स्टार मिल गया है। हरमनप्रीत के दो शानदार गोलों की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर सुल्तान जोहोर कप अपने नाम कर लिया।
फाइनल के आखिरी मिनटों में भारत ने यह कप अपनी झोली में डाला। आखिरी मिनट तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर चल रही थी। लेकिन मैच के पेनाल्टी शूटआउट में जाने से ठीक पहले भारत ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर मैच अपने नाम कर लिया। भारत इस कप का गत चैंपियन था और वह अपने खिताब की रक्षा करने में सफल रहा।
भारतीय खिलाड़ियों ने मैच को आखिर तक बेहतरी से संभाला। इससे पहले भारत के जूनियर हॉकी प्लेयर्स ने पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया को मात दी थी। भारतीय टीम ने बेहद आक्रामक शुरुआत की और विरोधी टीम को डिफेंसिव बनाए रखा। हरजीत सिंह की कप्तानी में टीम आत्मविश्वास से मैदान पर उतरी।
हरमनप्रीत ने 45वें मिनट में पेनाल्टी कार्नर को गोल में तब्दील कर भारत को बढ़त दिला दी थी। वहीं, 53वें मिनट में वरुण कुमार पेनाल्टी कार्नर को गोल में बदलने में नाकाम रहे। 55वें मिनट में सैमुअल फ्रेंच ने गोल दाग स्कोर को 1-1 से बराबरी कर दिया।
इसके बाद ब्रिटेन के पास गोल करने के कई मौके आए लेकिन गोलकीपर अभिनव ने अपने चुस्त प्रदर्शन से ब्रिटेन के मौकों को बेकार कर दिया। मैच खत्म होने में 45 सेकेंड बाकी थे कि भारत को पेनाल्टी कार्नर मिला और हरमनप्रीत ने इसे गोल में तब्दील करने में कोई गलती नहीं की।
इन 2 गोल के साथ ही हरमनप्रीत सिंह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 8 गोल करने वाले खिलाड़ी भी बन गए। इससे पहले हरमनप्रीत सिंह की टूर्नामेंट में दूसरी हैट्रिक के दम पर ही भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 6-2 से हराकर टूर्नमेंट के फाइनल में प्रवेश किया था।