भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम ने इंटरकॉन्टिनेंटल कप जीतने के बाद लाखों फैंस का दिल भी जीत लिया है। विजेता टीम ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एक करोड़ रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की। वहीं, भारतीय टीम ने दरियादिली दिखाते हुए 20 लाख रुपये दान करने का फैसला किया। इस महीने की शुरुआत में हुई बालासोर ट्रेन दुर्घटना के प्रभावित परिवारों के राहत और पुनर्वास कार्य के लिए ये रुपये दिए जाएंगे।
भारत ने कप्तान सुनील छेत्री के 87वें अंतरराष्ट्रीय गोल और लल्लियांजुआला छांगटे के गोल की बदौलत रविवार रात कलिंगा स्टेडियम में इंटरकॉन्टिनेंटल कप के फाइनल में लेबनान को 2-0 से हरा दिया। फुटबॉल टीम ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि वे 20 लाख रुपये बालासोर ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों के लिए दान करेंगे।
भारत दूसरी बार इंटरकॉन्टिनेंटल कप जीता
टीम इंडिया ने दूसरी बार इंटरकॉन्टिनेंटल कप अपने नाम किया। भारत ने पिछली बार उसने 2018 में इस टूर्नामेंट को जीता था। 2019 के बाद कोरोना महामारी के कारण यह टूर्नामेंट आयोजित नहीं हो सका था। यह इंटरकॉन्टिनेंटल कप का तीसरा संस्करण है और भारत दूसरी बार चैंपियन बना है।
कप्तान सुनील छेत्री ने क्या कहा?
सुनील छेत्री ने कहा, ''पिछले मैच में हम लेबनान के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। ऐसे में फाइनल में बहुत लोगों को लग था कि हम फाइनल में लेबनान को नहीं हरा पाएंगे, लेकिन हमने अच्छा खेला और दो गोल के अंतर से जीत हासिल की। कोचिंग स्टाफ ने शानदार काम किया है।''
कोच ने कहा- पांच दशक में सबसे बेहतर प्रदर्शन
जीत के बाद कोच इगोर स्टीमेक ने टीम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मैच के दूसरे हाफ में खिलाड़ियों ने जबरदस्त खेल दिखाया। स्टीमेक के मुताबिक पिछले पांच दशक में भारतीय फुटबॉल टीम द्वारा खेला गया सबसे बेहतरीन 45 मिनट थे। उन्होंने कहा कि पहले हाफ में हमने कुछ मौके गंवाए, लेकिन दूसरे हाफ में खिलाड़ियों ने आक्रामकता दिखाई। क्लीन शीट (एक भी गोल नहीं खाना) बहुत ही सुखद होता है। हमने एक भी गोल अपने पाले में नहीं जाने दिया।