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शतरंज ओलंपियाड: भारतीय पुरुष टीम ने हंगरी से खेला ड्रॉ, रजत पदक जीता; महिला टीम को कांस्य से करना पड़ा संतोष

Sun, 27 Sep 2026 08:14 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, समरकंद

सार

भारतीय पुरुष और महिला शतरंज टीमों ने चेस ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन किया। दोनों टीमें पदक जीतने में सफल रहे। पुरुष टीम ने जहां रजत पदक अपने नाम किया, वहीं महिला टीम को कांस्य से संतोष करना पड़ा।
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आर प्रज्ञानंद - फोटो : PTI
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विस्तार
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भारतीय पुरुष टीम ने 46वें शतरंज ओलंपियाड के अंतिम दौर में रविवार को हंगरी के साथ ड्रॉ खेलकर टाईब्रेकर में रजत पदक हासिल किया, जबकि महिला टीम ने जॉर्जिया के साथ बाजी बराबर रहने के बाद कांस्य पदक अपने नाम किया। उज्बेकिस्तान ने ओपन वर्ग में यूक्रेन के खिलाफ अंतिम दौर का मुकाबला 2.5-1.5 से जीतकर स्वर्ण पदक फिर अपने नाम किया। उज्बेकिस्तान ने संभावित 22 में से 20 अंक जुटाए। टीम ने 10 दौर में जीत दर्ज की और केवल एक मुकाबला जर्मनी के खिलाफ गंवाया।
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टाईब्रेकर स्कोर के कारण जीता भारत
भारतीय पुरुष टीम ने 18 अंक जुटाए और नीदरलैंड को हराने वाले जर्मनी के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रही। हालांकि बेहतर टाईब्रेकर स्कोर के कारण भारत को रजत पदक मिला, जबकि जर्मनी को कांस्य से संतोष करना पड़ा।

सविता ने महिला टीम को संभाला 
महिला वर्ग में चीन ने वियतनाम के खिलाफ 3-1 की शानदार जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक हासिल किया। चीन ने भी कुल 20 अंक जुटाए जबकि दूसरे स्थान पर रहे कजाखस्तान के खाते में दो अंक कम रहे। भारतीय महिला टीम को एक बार फिर बी सविता श्री ने संभाला जो भारतीय खिलाड़ियों में स्पष्ट रूप से सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ी रहीं। सविता ने अपने 10 मुकाबलों में नौ अंक हासिल किए और उनके प्रदर्शन की बदौलत भारतीय टीम कांस्य पदक जीतने में सफल रही।

जॉर्जिया के खिलाफ मुकाबले में हम्पी ने नाना द्जाग्निद्जे के खिलाफ आसान जीत दर्ज की लेकिन चौथे बोर्ड पर दिव्या देशमुख को बेला खोतेनाशविली के हाथों हार का सामना करना पड़ा। तीसरे बोर्ड पर वंतिका अग्रवाल के मुकाबला ड्रॉ करने के बाद सविता श्री पर काफी जिम्मेदारी आ गई। उन्हें बेहद मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ा जिसमें उनके राजा पर लगातार दबाव था। हालांकि सविता ने आखिर तक संघर्ष करते हुए हर चाल का जवाब दिया और ड्रॉ हासिल करने में सफल रहीं।
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सविता को व्यक्तिगत स्वर्ण
टीम कांस्य के अलावा सविता ने अपने प्रदर्शन के लिए व्यक्तिगत स्वर्ण पदक भी जीता। हम्पी और वंतिका अग्रवाल ने व्यक्तिगत कांस्य पदक हासिल किया, जबकि दिव्या देशमुख को रजत पदक मिला। भारतीय पुरुषों में आर प्रज्ञानंद ने अपने प्रदर्शन के लिए कांस्य पदक जीता, जबकि अंतिम दौर में निराशाजनक प्रदर्शन के कारण डी गुकेश मामूली अंतर से स्वर्ण पदक से चूक गए।
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