भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा और गुजरात के मंत्री हर्ष सांघवी की उपस्थिति में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने लुसाने में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के अधिकारियों के साथ मुलाकात की। इस मुलाकात का मकसद भारत में भविष्य में ओलंपिक मेजबानी के अवसर पर चर्चा करना था। मालूम हो कि भारत भविष्य में ओलंपिक की मेजबानी करने के इच्छुक है और उसने इसके लिए कदम भी आगे बढ़ाए हैं।
खुद को भावी मेजबान के रूप में पेश कर रहा है भारत
आईओसी की नई अध्यक्ष क्रिस्टी कोवेंट्री ने घोषणा की थी कि मेजबान चयन की पूरी प्रक्रिया रोक दी गई है और भावी मेजबान के लिए उचित समय तय करने के लिए एक कार्य समूह का गठन किया जा रहा है, इसके बावजूद भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की है। उन्होंने हालांकि, स्पष्ट किया है कि भारत से आए अधिकारी जो 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के इच्छुक हैं, उनका चर्चा के लिए स्वागत है।
सीनियर अधिकारी प्रतिनिधिमंडल में शामिल
इस प्रतिनिधिमंडल में आईओए, केंद्रीय खेल मंत्रालय और गुजरात सरकार के सीनियर अधिकारी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने बयान में कहा, इस महत्वपूर्ण मुलाकात का उद्देश्य भारत में ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों के भविष्य के संस्करण की मेजबानी के अवसर और व्यवहार्यता का पता लगाना था। चर्चाओं ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल को अहमदाबाद में भविष्य के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।
इसमें कहा गया है कि यह बातचीत से मिले अनुभव भारतीय टीम को अपनी महत्वाकांक्षा को गति देने में मददगार होगा। उषा ने कहा, ओलंपिक आंदोलन के साथ भारत का जुड़ाव एक परिवर्तनकारी समय में है, एक ऐसा क्षण जो प्रतिस्पर्धी खेलों से परे होकर ओलंपिज्म (खेलों के माध्यम से शांति, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान) की सच्ची भावना को अपनाना और बढ़ावा देना है। भारत में होने वाले ओलंपिक खेल न केवल एक शानदार आयोजन होंगे, बल्कि वे सभी भारतीयों के लिए एक पीढ़ीगत प्रभाव डालने वाले आयोजन होंगे।
कोवेंट्री ने कहा कि भविष्य के प्रस्तावों पर आगे बढ़ने से पहले कार्यकारी बोर्ड के सदस्यों को लगा कि पहले से तय किए गए भावी मेजबानों लॉस एंजिलिस (2028 ग्रीष्मकालीन खेल), ब्रिस्बेन (2032 ग्रीष्मकालीन खेल), फ्रेंच आल्प्स (2030 शीतकालीन खेल) के अनुभव का अध्ययन किया जाना चाहिए। भारत ने पिछले साल अक्टूबर में 2036 खेलों की मेजबानी के लिए एक आशय पत्र प्रस्तुत किया था।