रोनाल्डो की हाइट 6.1 फुट है और इसका उन्हें साइकिलिंग में जमकर फायदा मिलता है। उन्होंने 2019 में 17 साल की उम्र में जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में आयोजित जूनियर विश्व चैंपियनशिप में टीम स्प्रिंट में स्वर्ण पदक जीता और जूनियर विश्व चैंपियन बन गए। 2019 में एशिया कप ट्रैक चैंपियनशिप में 200 मीटर टाइम ट्रायल स्प्रिंट के क्वालिफाइंग राउंड में सर्फ 10.065 सेकंड का समय निकालकर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया।
इसके बाद 2022 एशियाई ट्रैक साइकिलिंग चैंपियनशिप में रोनाल्डो ने कुल तीन पदक जीते। रोनाल्डो ने स्प्रिंट इवेंट में रजत पदक, एक किलोमीटर टाइम ट्रायल और टीम स्प्रिंट में एक-एक कांस्य पदक जीते। भारत के किसी खिलाड़ी ने पहली बार इस टूर्नामेंट में रजत पदक अपने नाम किया। वह एक चैंपियनशिप में तीन पदक जीतने वाले देश के पहले साइकिलिस्ट बने।
राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों को लेकर हमने रोनाल्डो सिंह से खास बातचीत की। पढ़िए बातचीत के प्रमुख अंश-
रोनाल्डो: फिलहाल जो हमलोगों का शेड्यूल है उसी के अनुसार हम तैयारी कर रहे हैं। उस शेड्यूल को कोच बनाते हैं। हम बाहर ट्रेनिंग करते हैं। यह अनुराग ठाकुर सर ने भी बताया है। बड़े राइडर के साथ हर वीकेंड पर तैयारी का मौका मिल जाता है। इससे हमें काफी फायदा मिलता है।
रोनाल्डो: इस बार हमारा लक्ष्य पदक लाना है। जिस तरह की हमारी तैयारी है उससे पदक आने की संभावना है। साइक्लिंग को हम भारत में प्रसिद्ध करना चाहते हैं। हम ओलंपिक में भी भाग लेने की तैयारी कर रहे हैं और वहां भी बेहतर प्रदर्शन कर जीतने की कोशिश करेंगे।
रोनाल्डो: हम विवादों को भूल चूके हैं। बीती बातों को छोड़कर हम आगे बढ़ गए हैं।
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