भारत को टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण पदक दिलाने वाले बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत पर बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) ने 18 महीने का प्रतिबंध लगाया है। उन पर डोपिंग संबंधी नियमों के उल्लंघन के कारण यह कार्रवाई की गई है। इस स्थिति में अब वह पेरिस पैरालंपिक खेलों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। पेरिस में पैरालंपिक खेलों की शुरुआत 28 अगस्त से आठ सितंबर तक चलेगा।
बीडब्ल्यूएफ की तरफ से जारी किए गए बयान में कहा गया कि, "एक मार्च 2024 को कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ऑफ स्पोर्ट (सीएएस) एंटी-डोपिंग डिवीजन ने भगत को 12 महीनों के भीतर तीन बार ठिकाने की जानकारी न देने के लिए बीडब्ल्यूएफ एंटी-डोपिंग नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया। एसएल3 एथलीट भगत ने इस फैसले के खिलाफ सीएएस अपील डिवीजन में अपील की। 29 जुलाई 2024 को सीएएस अपील डिवीजन ने भगत की अपील को खारिज कर दिया और ए मार्च 2024 के सीएएस एंटी-डोपिंग डिवीजन के फैसले की पुष्टि की।"
बिहार में जन्मे भगत ने पिछले साल फरवरी में पांचवां विश्व चैम्पियनशिप खिताब जीतकर चीन के लिन डैन की बराबरी की थी। भारतीय पैरा बैडमिंटन के मुख्य कोच गौरव खन्ना ने कहा - यह काफी दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है । वह पैरालम्पिक में पदक उम्मीद थे लेकिन वह योद्धा है और मुझे यकीन है कि मजबूती से वापसी करेंगे।