भारत के पैरा भाला फेंक के स्टार सुमित अंतिल ने मंगलवार को विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में एफ64 वर्ग के खिताब के साथ लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीता। सुमित ने 2023 और 2024 में भी स्वर्ण पदक जीता था। इस 27 वर्षीय इस खिलाड़ी ने 2021 में तोक्यो और 2024 में पेरिस पैरालंपिक में भी दो स्वर्ण पदक जीते। वह एशियाई पैरा खेलों के मौजूदा चैंपियन भी हैं।
सुमित ने अपने रिकॉर्ड में किया सुधार
दो बार के पैरालंपिक चैंपियन सुमित ने पांचवें प्रयास में 71.37 मीटर भाला फेंकते हुए अपने ही चैंपियनशिप रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। सुमित ने 2023 सत्र में बनाए गए 70.83 मीटर के अपने ही चैंपियनशिप रिकॉर्ड को तोड़ा। वहीं, महज चार वर्ष की उम्र में ट्रक के नीचे आने से अपना पैर बुरी तरह जख्मी करा बैठे संदीप संजय सर्गर ने 62.82 मीटर भाला फेंकते हुए एफ-44 कैटेगरी में भाला फेंक का स्वर्ण जीता। उन्होंने अपने ही साथी और पूर्व विश्व चैंपियन संदीप चौधरी (62.67) को पीछे छोड़ा। यह संदीप सर्गर का किसी भी मुख्य पैरा खेल में पहला पदक है। 2019 के विश्व चैंपियन और 2024 में कांस्य जीतने वाले संदीप चौधरी का यह इस चैंपियनशिप में तीसरा पदक है। वहीं, डिस्कस थ्रो की एफ-56 कैटेगरी में योगेश कथूनिया ने विश्व चैंपियनशिप में कुल चौथा और लगातार तीसरा रजत पदक जीता है। उन्होंने 42.49 मीटर डिस्कस फेंका।
चैंपियनशिप में मंगलवार को हुई बारिश विदेशी एथलीटों के लिए बड़ी खुशखबरी की तरह रही। सोमवार तक भीषण उमस भरी गर्मी ने चैंपियनशिप में विदेशी एथलीटों का बुरा हाल कर रखा था। सूत्र बताते हैं कि जब से चैंपियनशिप शुरू हुई है तब से 15 विदेशी एथलीटों को भीषण गर्मी का शिकार होकर स्थानीय मेडिकल सेंटर में दाखिल कराना पड़ा। वार्म एरिया में अभ्यास के दौरान इन विदेशी एथलीटों की हालत खराब हुई है। उन्हें मेडिकल सेंटर में प्राथमिक उपचार देने के बाद छोड़ा गया। बताया जाता है कि ये ज्यादातर एथलीट यूरोप से संबंधित हैं।