अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने मंगलवार को कहा कि भारत, जर्मनी, कतर और तुर्किये समेत सात देशों ने 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी में रुचि जताई है। इन सभी इच्छुक देशों को नवंबर में फ्यूचर होस्ट कमीशन के सामने अपनी परियोजनाएं पेश करने के लिए आमंत्रित किया गया है। आईओसी के मुताबिक, 2036 ओलंपिक की मेजबानी में रुचि रखने वाले सात देश हैं। इनमें जर्मनी, हंगरी, भारत, कतर, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्किये शामिल हैं। इन देशों के प्रस्तावों का विभिन्न तकनीकी पहलुओं के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।
किन आधारों पर होगा मूल्यांकन?
- आईओसी ने बताया कि परियोजनाओं को कई महत्वपूर्ण मानकों पर परखा जाएगा।
- इनमें खेल स्थलों की योजना, खिलाड़ियों के अनुभव, वित्तीय रणनीति, राजनीतिक और सार्वजनिक समर्थन, खेलों के सफल आयोजन की क्षमता और मेजबानी के बाद स्थानीय समुदायों को मिलने वाले दीर्घकालिक लाभ की योजना शामिल है।
- आईओसी ने अपने बयान में कहा कि ये सभी इच्छुक पक्ष नवंबर में फ्यूचर होस्ट कमीशन के सामने अपने प्रोजेक्ट पेश करेंगे।
- इसके अलावा कुछ राष्ट्रीय ओलंपिक समितियां (एनओसी) 2036 के बाद के ओलंपिक खेलों की मेजबानी को लेकर आईओसी के साथ गैर-बाध्यकारी बातचीत कर रही हैं।
31 अक्तूबर के बाद नए दावेदार नहीं
- आईओसी ने स्पष्ट किया कि मौजूदा कार्यक्रम को देखते हुए 31 अक्तूबर के बाद 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए किसी अन्य इच्छुक पक्ष पर विचार नहीं किया जाएगा।
- 2024 में भारत ने जताई थी रुचि भारत ने 2024 में 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए अपनी रुचि का औपचारिक पत्र आईओसी को सौंपा था।
- हालांकि, इसके बाद आईओसी के नए अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री ने मेजबान चयन प्रक्रिया को रोक दिया था।
- उन्होंने कहा था कि प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आईओसी सदस्य देशों से नए सुझाव लिए जाएंगे।
- अब सात देशों के परियोजना प्रस्ताव नवंबर में सामने आने के बाद 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दौड़ और स्पष्ट होने की उम्मीद है।