नरेंद्र मोदी की सरकार 2024 में होने वाले खेलों के सबसे बड़े आयोजन ओलंपिक खेलों के लिए दावेदारी ठोंक सकती है और इसके लिए उसने अपने कदम भी आगे बढ़ा दिए हैं।
2010 का राष्ट्रमंडल खेल भ्रष्टाचार के लिहाज से भले ही काफी विवादित रहा हो लेकिन दुनिया के इस दूसरे सबसे बड़े खेल आयोजन के 5 साल बाद ही भारत अब सबसे बड़े खेल आयोजन को अपने घर में कराने की योजना बना रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की दावेदारी के सिलसिले में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के अध्यक्ष थॉमस बाच के साथ बातचीत कर सकते हैं। ऐसा नहीं है कि पहली बार भारत की ओलंपिक की मेजबानी हासिल करने की खबर आ रही है। इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल में भी 2016 के ओलंपिक मेजबानी के लिए दावेदारी करने के प्रयास की बात आई थी लेकिन उस समय यह बात अपने मुकाम पर नहीं पहुंच सकी थी।
ओलंपिक मेजबानी के लिए भारत ने शुरू कर दी है बातचीत
भाजपा के नेतृत्व में एनडीए सरकार में एक बार फिर ओलंपिक खेलों की दावेदारी हासिल करने के लिए उम्मीदवारी ठोंकने की खबर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2024 का ओलंपिक खेल भारत में कराने के इच्छुक हैं। वह इस महीने के अंत में भारत आ रहे अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के अध्यक्ष थॉमस बाच से दावेदारी हासिल करने के प्रयासों के सिलसिले में बातचीत कर सकते हैं।
भारत ने आज तक न कभी ओलंपिक की मेजबान की है और न ही दावेदारी ही ठोंकी है। प्रधानमंत्री मोदी इस सबसे बड़े खेल प्रतियोगिता को देश में कराना चाहते हैं। खेल सचिव अजीत सरन ने एनडीटीवी को बताया कि वह पिछले महीने लुसाने में इस मामले पर शुरुआती बातचीत के सिलसिले में आईओसी के अधिकारियों से मिल चुके हैं।
यहां तक की आईओसी अध्यक्ष थॉमस बाच भी मानते हैं कि भारत वैश्चिक खेल आयोजनों के मामले में बड़ी भूमिका निभा सकता है। बाच 27 अप्रैल को भारत आने वाले हैं। उन्होंने भी कहा था, "हम कैस 120 करोड़ जनसंख्या को अनदेखा कर सकते हैं। आईओसी आयोजन स्थल तय करने के मामले में काफी लचीला रुख अपना रहा है और हमें इस बात की काफी खुशी है कि भारतीय अधिकारी और स्टेकहोल्डर्स इस मामले में दौरा कर रहे हैं।"
तो अहमदाबाद में होगा ओलंपिक गेम्स
भारत अगर ओलंपिक की मेजबानी के लिए दावेदारी करता है तो वह किसी शहर को प्रमोट करेगा!
माना जा रहा है कि इस सबसे बड़े खेल आयोजन के लिए अहमदाबाद को मेजबान के रूप में उभारा जाएगा। ओलंपिक की मेजबानी के लिए दावेदारी करने का समयसीमा अक्टूबर, 2015 को खत्म हो रहा है। इसके बाद आईओसी दावेदारों की सूची को शार्टलिस्ट मई, 2016 में करेगा। इसके बाद जुलाई, 2017 में मेजबान शहर का नाम तय होगा।
भारत ने इससे पहले आखिरी बार मल्टीगेम्स की मेजबानी 2010 में थी तब उसने दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन किया था। भ्रष्टाचार से जुड़े विवाद को पीछे छोड़ दिया जाए तो यह काफी सफल रहा था।
2016 का ओलंपिक गेम्स ब्राजील की राजधानी रियो में होने जा रहा है, जबकि 2020 का ओलंपिक खेल जापान के टोक्यो में होगा। 2024 के ओलंपिक गेम्स के लिए कई देश अपनी दावेदारी ठोंक सकते हैं। इन संभावित नामों में इटली (रोम), जर्मनी (हैम्बर्ग) के अलावा केन्या और मोरक्को (अफ्रीका से) भी आगे चल रहे हैं। साथ ही मलेलिया, कतर (दोहा), थाईलैंड, रूस और हंगरी भी शामिल हैं।