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भुल्लर ने रचा इतिहास, NBA में पहली बार होगा भारतीय

Fri, 03 Apr 2015 03:24 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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भारतीय खेल के लिए यह समय काफी शानदार साबित हो रहा है। क्रिकेट के अलावा भारतीय खिलाड़ियों के बैडमिंटन, चेस और टेनिस आदि कई खेलों में शानदार प्रदर्शन के बीच एक ऐसी खबर आई है जिसके बारे में किसी भारतीय ने भी नहीं सोचा होगा।
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भारत के एक खिलाड़ी ने ऐसे खेल में एंट्री मारी है जहां अमेरिकन और अफ्रीकन खिलाड़ियों का हमेशा से वर्चस्व रहा है। हम यहां बात कर रहे हैं सिम भुल्लर की जिन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित नेशनल बॉस्केटबॉल एसोसिएशन (एनबीए) के लिए करार कर तहलका मचा दिया है।

वह एनबीए की किसी फ्रेंचाइजी टीम के खिलाड़ियों के रेगुलर रोस्टर से जुड़ने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी भी बन गए हैं। भुल्लर ने एनबीए की टीम स्कैमेंटो किंग्स के साथ 10 दिन का करार किया है। वह इस टीम के खिलाड़ियों के रेगुलर रोस्टर में शामिल किए गए हैं।
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21 साल के भुल्लर का जन्म कनाडा के टोरंटो में हुआ था और 15 अगस्त, 2014 को एनबीए टीम के साथ करार किया था। वह 2014 में लॉस बेगास में एनबीए समर लीग जीतने वाली टीम का हिस्सा भी थे।
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पंजाब के इस खिलाड़ी की लंबाई है बहुत खास

7 फीट 5 इंच लंबे इस भारतीय मूल के खिलाड़ी का कुल वजन 360 पाउंडस है, वह किंग्स की डी-लीग में टीम के साथ रहे। वह इस साल 26 फरवरी को 'द लेट लेट शो' में शो 'द बिग बैंग थ्योरी' के कुनाल नय्यर के साथ दिखे जो मेहमान होस्ट के रूप में आए थे। वह ऐसा करने वाले एनबीए डी-लीग के पहले खिलाड़ी भी बने।

न्यू मैक्सिको स्टेट यूनिवर्सिटी के साथ दो सत्रों में भुल्लर ने वेस्टर्न एथलेटिक कांफ्रेंस टूर्नामेंट में सबसे खास खिलाड़ी (MVP) का अवार्ड जीता था।

भुल्लर के माता-पिता मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं और उनका छोटा भाई तनवीर भी कॉलेज स्तर पर न्यू मैक्सिको स्टेट के लिए बॉस्केटबॉल खेलता है और उम्मीद है कि वह भी जल्द ही एनबीए से जुड़ जाए।

एनबीए में इतिहास रचने वाले भुल्‍लर ने पहले कहा था कि उसे अपनी साइज देखकर नहीं लगा था कि वह बॉस्केटबॉल लंबे समय तक खेल पाएगा लेकिन अब उसे उम्मीद है कि वह इस मौके का फायदा उठा पाएगा।

भारतीय मूल के इस खिलाड़ी का वर्तमान औसत है 10.8 अंक, रिबांउड्स 8.8 और हर गेम में ब्लॉक्स है 3.8 जो लीग में काफी अच्छा कहा जा सकता है। हालांकि उनकी बड़ी समस्या यह है कि मैच में काफी फुर्ती के साथ खेल खेला जाता है लेकिन उनकी साइज इस पर असर डाल सकती है। फिलहाल वह अपने 73 फीसदी शॉटस को गोल में कन्वर्ट करने में कामयाब रहे हैं। अब इस खिलाड़ी के पास सुनहरा अवसर है कि 10 दिनों में शानदार प्रदर्शन कर किंग्स टीम के कोचिंग स्टाफ को प्रभावित कर टीम का नियमित हिस्सा बन जाए।
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