भारत की इंचियोन एशियाई खेलों के चौथे दिन भी दूसरी स्वर्णिम सफलता की आस अधूरी रह गई। बीजिंग ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज अभिनव बिंद्रा और स्क्वैश में सौरव घोषाल से स्वर्ण पदक की उम्मीद थी।
लेकिन अनुभवी निशानेबाज अभिनव 10 मीटर एयर रायफल में पुरुष टीम और एकल स्पर्धा में सोने पर निशान नहीं लगा सके और उन्हें कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा।
दूसरी ओर, स्क्वैश में सौरव घोषाल फाइनल में पहले 2 गेम जीतकर शानदार शुरुआत की थी लेकिन अंतिम 3 गेम हार गए और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। स्क्वैश के अलावा वुशू में भारत को 2 कांस्य पदक हासिल हुए। हॉकी में भारत की पुरुष टीम ने आसान जीत हासिल कर ली है।
भारत ने अब तक एक स्वर्ण, एक रजत और 9 कांस्य पदक जीत लिए हैं।
स्वर्ण जीतते-जीतते रह गए सौरव घोषाल
इंचियोन एशियाड में भारत के खाते में सिर्फ कांस्य पदक आने के सिलसिले को सौरव घोषाल ने तोड़ दिया है। करियर का स्वर्णिम प्रदर्शन करते हुए उन्होंने भारत को स्क्वैश में रजत पदक दिला दिया है। स्क्वैश में भारत का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
स्क्वैश में घोषाल से पहले दीपिका पल्लीकल ने महिला एकल वर्ग में भारत को कांस्य पदक दिलाया था। तब महिला वर्ग में कोई पदक जीतने वाली दीपिका भारत की पहली खिलाड़ी बनी थी।
12 साल के अपने करियर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले घोषाल ने एशियाड में इससे पहले 3 कांस्य पदक जीते थे। टूर्नामेंट में पहली बार फाइनल में पहुंचे घोषाल ने कुवैत के अब्दुल्लाह को जोरदार चुनौती दी लेकिन वह स्वर्ण से चूक गए। हालांकि स्वर्ण पदक के लिए हुए मुकाबले में उन्होंने पहले दो गेम जीतकर अच्छी शुरुआत की थी लेकिन वह अगले 3 गेम हार गए।
स्वर्ण पदक से चूक गए अभिनव बिंद्रा
भारत का एशियाई खेलों में भले ही दूसरा स्वर्ण पदक का इंतजार अभी भी जारी है, लेकिन शूटिंग से लगातार चौथे दिन उसे पदक जरूर मिले। पूर्व ओलंपिक चैंपियन अभिनव ब्रिंदा ने मंगलवार को एशियाई खेलों में भारत को दो और पदक दिला दिए। टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने के बाद वह एकल मुकाबले में भी स्वर्ण पदक से चूक गए और कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा।
दिन की शुरुआत अभिनव ने पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भारत को कांस्य पदक दिलाकर की। अभिनव, संजीव राजपूत और रवि कुमार ने टीम इवेंट में भारत को कांस्य पदक दिलाया। जबकि इस स्पर्धा का स्वर्ण चीन और रजत कोरिया ने जीता।
इसके बाद अभिनव अपने करियर के अंतिम मुकाबले में उतरे तो वह स्वर्ण पदक के साथ विदा नहीं ले सके। वह 10 मीटर एयर राइफल एकल स्पर्धा में 187.1 अंक हासिल कर स्पर्धा में तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। इसके साथ ही अभिनव ने अपने पेशेवर करियर को अलविदा कह दिया।
हालांकि अन्य निशानेबाजों ने भारत को बेहद निराश किया।
मुकाबले से पहले ट्वीट कर चौंका दिया था
इंचियोन में 2 कांस्य पदक जीतने के बाद उन्होंने यह साफ किया कि उनकी घोषणा को संन्यास नहीं समझा जाए। साथ ही कहा, "मैं अब बतौर पेशेवर शूटिंग नहीं करूंगा सिर्फ शौक के लिए ही खेलूंगा। लेकिन मैं रियो ओलंपिक कोटा हासिल करने के लिए वर्ल्ड कप में भी खेलूंगा।"
इससे पहले ओलंपिक व्यक्तिगत गोल्ड जीतने वाले एकमात्र भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने पेशेवर निशानेबाजी से संन्यास की घोषणा कर अपने प्रशंसकों को चौंका दिया था। इंचियोन में एशियन गेम्स में हिस्सा लेने आए दिग्गज निशानेबाज ने अपने मुकाबले से पहले कहा था कि आज (मंगलवार) उनका पेशेवर शूटिंग का आखिरी दिन होगा। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने रियो ओलंपिक में हिस्सा लेने की बात कही है, जिसमें क्वालीफाई करने के लिए उन्हें कई शूटिंग वर्ल्ड कप खेलने होंगे। इसका मतलब यह हुआ कि वे प्रोफेशनल शूटिंग से संन्यास लेकर रियो ओलंपिक में खेल ही नहीं सकते।
मंगलवार को 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में हिस्सा लेने वाले बिंद्रा ने ट्विटर पर कहा, "आज का दिन मेरी पेशेवर शूटिंग जिंदगी का आखिरी दिन होगा। हालांकि मैं शौकिया तौर पर निशानेबाजी जारी रखूंगा और सप्ताह में एक-दो दिन ट्रेनिंग करूंगा। और हां, मैं रियो ओलंपिक के लिए तैयारी जारी रखूंगा। मेरे पदकों का खजाना समृद्ध हो चुका है और मुझे उम्मीद है कि इसमें अभी कुछ और पदक आएंगे।"
भारोत्तोलन में भी भारत को नहीं मिला पदक
इंचियोन में भारत को भारोत्तोलन वर्ग में भी निराशा हाथ लगी। पुरुषों में के रवि कुमार और महिलाओं में पूनम यादव से उम्मीदें थीं लेकिन दोनों ने निराश किया।
77 किग्रा भार वर्ग में रवि ग्रुप-बी में दूसरे स्थान पर जरूर रहे लेकिन वह पदक की दौर में जगह नहीं बना सके। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सतीश शिवलिंगम बीमार होने के चलते हिस्सा नहीं ले सके।
दूसरी ओर, महिलाओं में 63 किलो वर्ग में पूनम 9 लिफ्टरों में सातवें स्थान पर रहीं। वह कुल 200 किलो वजन ही उठा सकीं जबकि उनके वर्ग में स्वर्ण जीतने वाली चीनी ताइपे की लिन जू ची ने 261 किलो उठाकर न केवल वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया बल्कि क्लीन एंड जर्क में भी नया रिकॉर्ड कायम किया।
वूशु से भी भारत को मिले 2 पदक
एशियाई खेलों में भारत को वूशु से भी 2 पदक मिले हैं। सांथोई देवी और नरिंदर ग्रेवाल ने सोमवार को सेमीफाइनल में पहुंचकर देश के लिए दो पदक पक्के कर दिए थे। लेकिन दोनों ही खिलाड़ी मंगलवार को अपने-अपने मुकाबले हार गए और उन्हें कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा।
हॉकी में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने लगातार दूसरी जीत दर्ज कराते हुए अपने से कहीं कमजोर ओमान को 7-0 से हरा दिया। हालांकि इस जीत के बावजूद मैदान पर भारतीय टीम का प्रदर्शन स्तरीय नहीं रहा और उसने गोल करने के करीब आधा दर्जन मौके गंवाए। ड्रैग स्पेशलिस्ट वीआर रघुनाथ ने ही अकेले आठ पेनाल्टी कॉर्नर बेकार कर दिए।
भारत को हॉकी में अगला मुकाबला चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ खेलना है और रुपिंदर की चोट टीम के लिए एक बड़ा झटका है। भारत की इन खेलों में यह लगातार दूसरी जीत है। इससे पहले भारतीय टीम ने श्रीलंका को शिकस्त दी थी।
नौकायन में मिल सकता है भारत को पदक
भारतीय रोवर स्वर्ण विर्क ने एशियन गेम्स में नौकायन में पुरुषों की सिंगल स्कल्स स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली है। डबल्स स्पर्धा और लाइटवेट टीम स्पर्धा में भी भारतीयों का प्रदर्शन शानदार रहा और उन्होंने पदक की उम्मीदें कायम रखी।
इंचियोन के चुंगजु तेंगयम लेक रोविंग सेंटर में हुई सिंगल स्पर्धा में स्वर्ण विर्क रेपचेज वन में शीर्ष पर रहे। उन्होंने 2000 मीटर की रेस सात मिनट 10.93 सेकंड में पूरी की। डबल्स स्कल्स में ओम प्रकाश और दत्तु बाबन भोकनल रेपचेज टू में छह मिनट 40.77 सेकंड के साथ टॉप पर रहे।
वहीं, लाइटवेट क्यूडल्पल स्कल्स में रेपचेज वन में भारत के राकेश रालिया, विक्रम सिंह, सोनू लक्ष्मी नारायन और शोकेनदर तोमर ने छह मिनट 13.97 सेकंड के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।
महिला वर्ग में अमनजोत कौर, संजुक्ता डंग डंग, एन सरिता देवी और नवनीत कौर की चौकड़ी क्यूडल्पल स्कल्स रेपचेज वन में सात मिनट 51.39 सेकंड के साथ पांचवें स्थान पर रही और मेडल की दौड़ से बाहर हो गईं।