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विश्वकप खेल चुकी पनामा को भारत ने बराबरी पर रोका: बंगलूरू में खेला रोमांचक ड्रॉ, अब ब्राजील-उरुग्वे की चुनौती

Fri, 25 Sep 2026 10:07 PM IST
मयंक त्रिपाठी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

भारतीय फुटबॉल टीम ने बंगलूरू में फीफा अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच में विश्व कप खेल चुकी पनामा को 1-1 से ड्रॉ पर रोका। रयान विलियम्स ने भारत को बढ़त दिलाई, लेकिन ओमार वालेंसिया के गोल से पनामा ने बराबरी कर ली।
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भारत बनाम पनामा - फोटो : PTI
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विस्तार
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भारतीय फुटबॉल टीम ने शुक्रवार को बंगलूरू में खेले गए फीफा अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच में दुनिया की 44वें नंबर की टीम पनामा को 1-1 से ड्रॉ पर रोककर शानदार प्रदर्शन किया। भारत की ओर से ऑस्ट्रेलियाई मूल के रयान विलियम्स ने 41वें मिनट में गोल किया, जबकि पनामा के लिए ओमार वालेंसिया ने 68वें मिनट में बराबरी का गोल दागा।
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पनामा के खिलाफ यह ड्रॉ मुख्य कोच खालिद जमील के कार्यकाल में भारत के सबसे प्रभावशाली प्रदर्शनों में से एक माना जाएगा। पनामा ने कुछ महीने पहले ही फीफा विश्व कप में हिस्सा लिया था और उसकी टीम में उस टूर्नामेंट में खेलने वाले कई खिलाड़ी भी शामिल थे। इसके बावजूद भारत ने उसे कड़ी चुनौती दी। भारत मौजूदा फीफा रैंकिंग में 138वें स्थान पर है। हालांकि, शुक्रवार को टीम ने रैंकिंग के अंतर को मैदान पर हावी नहीं होने दिया और कई मौकों पर पनामा के डिफेंस पर दबाव बनाया।

विलियम्स ने भारत को दिलाई बढ़त
भारत ने मैच में आक्रामक रवैया अपनाया और इसका फायदा 41वें मिनट में मिला। बाएं छोर से आकाश मिश्रा ने थ्रो-इन लिया और बिजॉय वर्गीज के साथ तेजी से वन-टू करने के बाद लंबा पास खेला। रयान विलियम्स ने तेजी से दौड़ लगाते हुए पनामा की रक्षापंक्ति को चीर दिया। इसके बाद उन्होंने बाएं पैर से शानदार एंगल बनाते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। पनामा के गोलकीपर मार्कोस रेयेस के पास इस शॉट का कोई जवाब नहीं था। विलियम्स पूर्व ऑस्ट्रेलियाई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं और अब भारतीय पासपोर्ट रखते हैं।

वालेंसिया ने पनामा की वापसी कराई
एक गोल से पिछड़ने के बाद पनामा के कोच थॉमस क्रिस्टियनसेन ने दूसरे हाफ में कुछ बदलाव किए। इसका असर 68वें मिनट में दिखा, जब मेजर लीग सॉकर में खेलने वाले ओमार वालेंसिया ने शानदार गोल करके स्कोर 1-1 कर दिया। लालेंगमाविया ने वालेंसिया को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह कुछ पल देर से पहुंचे। वालेंसिया ने बाएं पैर से बेहद ताकतवर और नीचे की ओर आती हुई गेंद मारी, जिसे भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू सिर्फ देखते रह गए।
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गोल खाने के बाद भी भारत ने नहीं अपनाया रक्षात्मक रवैया
बराबरी का गोल खाने के बावजूद भारतीय टीम पीछे नहीं हटी। खालिद जमील ने खिलाड़ियों को सिर्फ डिफेंस में लगाने के बजाय आगे बढ़कर खेलने के लिए प्रेरित किया। बाएं छोर पर आशिक कुरुनियन लगातार पनामा के डिफेंस को परेशान करते रहे। विलियम्स भी बाईं ओर से आक्रमण में सक्रिय रहे। भारत के पास 79वें मिनट में बढ़त हासिल करने का शानदार मौका था। आशिक ने बाएं छोर से नीचा क्रॉस दिया, लेकिन एडमंड इसका फायदा नहीं उठा सके। इसके दो मिनट बाद एडमंड दाईं ओर से आगे बढ़े और मनवीर सिंह के लिए शानदार मौका बनाया। मनवीर के पास आसान टैप-इन का अवसर था, लेकिन उन्होंने गेंद को एड़ी से गोल में डालने की कोशिश की और मौका गंवा दिया।

अनवर अली की शानदार भूमिका
भारत के डिफेंस ने भी पनामा के लगातार हमलों का मजबूती से सामना किया। सेंटर-बैक अनवर अली ने खास तौर पर प्रभावशाली प्रदर्शन किया और कई खतरनाक हमलों को नाकाम किया। मैच के अंतिम हिस्से में पनामा ने विजयी गोल की तलाश में दबाव बढ़ाया। अनवर ने एक खतरनाक मौके को टाला, जबकि गुरप्रीत सिंह संधू ने विश्व कप खेल चुके कार्लोस हार्वी के शॉट को बचाकर भारत को हार से बचाया।

अब ब्राजील और उरुग्वे की चुनौती
इस ड्रॉ से भारतीय टीम का मनोबल निश्चित तौर पर बढ़ेगा। भारत को अब अपने फुटबॉल इतिहास की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक का सामना करना है। भारतीय टीम तीन अक्तूबर को कोलकाता में पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील के खिलाफ मैत्री मैच खेलेगी। इसके बाद छह अक्तूबर को दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे से मुकाबला होगा।
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