सरदार सिंह की ‘सरदारी’ में भारत कुछ हिचकोले खाते हुए आखिर हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल में अब खिताब से महज दो कदम के फासले पर पहुंच गया है। भारत के सामने सेमीफाइनल में अब शनिवार को तेज रफ्तार हॉकी खेलने वाली बेल्जियम से पार पाने की मुश्किल चुनौती है। ब्रिटेन के खिलाफ क्वॉर्टर फाइनल में मिली जीत से भारत के हौसले बुलंद हैं।
भारतीय टीम अपने डच हॉकी उस्ताद रोलैंट ओल्टमैंस के ‘स्ट्रक्चर’ हॉकी खेलने के गुरुमंत्र के मुताबिक खेलते हुए सही वक्त पर रंग में आई है। भारत ने मैच दर मैच अपनी गलतियों को सुधार कर खुद को यहां बड़े इम्तिहान के लिए मुस्तैदी से तैयार किया है। भारत की नजरें मजबूती से आखिरी दो कदम पार कर इस वर्ल्ड लीग फाइनल में खिताब जीतने पर होंगी। भारत को बेल्जियम पर जीत दर्ज कर फाइनल में स्थान पाना है तो पूरी टीम को जोश के साथ होश भी दिखाना होगा।
भारत के पास बेल्जियम से पिछली दो हार का हिसाब चुकता करने का मौका है। भारत की टीम बेल्जियम से एंटवर्प में इसी साल लीग सेमीफाइनल्स के सेमीफाइनल में 0-4 से और इसके पिछले संस्करण के फाइनल में पांचवें -छठे स्थान के लिए खेले मैच में नई दिल्ली में 1-2 से हार गई थी। भारत की टीम बेल्जियम को पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी में 4-2 से हराने में कामयाब रही थी।
ये हैं भारत के खास हथियार
भारतीय हॉकी टीम के कप्तान सरदार सिंह की फौज को बेल्जियम के खतरनाक स्ट्राइकर लोरेंट वान अबुल की चौकसी कर उनके कब्जे से गेंद दूर रखनी होगी। बेल्जियम की जोरदार जवाबी हमलों की रणनीति को भारत के कप्तान सेंटर हाफ सरदार सिंह, लिंकमैन धर्मवीर और दानिश मुज्तबा अपना कौशल दिखाते हुए गेंद को धैर्य से अपने कब्जे में रख कर नाकाम कर सकते हैं।
अग्रिम पंक्ति में आकाशदीप सिंह, एस वी सुनील और अमीर खान और तलविंदर को धैर्य और पूरे विश्वास के साथ बेल्जियम की ‘डी’ के भीतर अचूक हमले बोलने होंगे। भारत के फॉरवर्ड खिलाड़ियों को टीम को ज्यादा से ज्यादा पेनल्टी कॉर्नर दिलाने की कोशिश करनी होगी।
नीदरलैंड पर रोमांचक जीत से ऑस्ट्रेलिया फाइनल में
सदाबहार स्ट्राइकर जैमी डायर के शानदार खेल से विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने मौजूदा चैंपियन नीदरलैंड को हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल के पहले अत्यंत रोमांचक सेमीफाइनल में शुक्रवार को यहां 3-2 से हरा दिया।