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जितनी शानदार शुरुआत उतनी ही करारी शिकस्त

Thu, 16 Jan 2014 11:39 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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ऐसी स्वप्निल शुरुआत वह भी ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के खिलाफ एक अरसे बाद भारत को मिली थी। लगा ही नहीं कि यह पुरानी भारतीय टीम खेल रही है। शुरुआती 11 मिनट में ऑस्ट्रेलिया दो गोल खा चुकी थी।
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कोच रिक चार्ल्सवर्थ की बौखलाहट देखने वाली थी। लेकिन वह मैदान में खेल रहे 11 कंगारुओं को हौसला नहीं हारने की बात कह रहे थे। 20 मिनट बीतने के बाद लगा भारतीय टीम 70 मिनट की हॉकी खेल चुकी है और यहां से ऑस्ट्रेलिया ने अपना असली खेल खेलना शुरू किया।

भारत ने की गोल की शुरुआत
एक के बाद एक सात गोल ठोककर उसने भारतीय टीम की कलई खोलते हुए बता दिया यह वही पुरानी टीम है, जिसे बड़ी टीमों के खिलाफ हारने की आदत सी पड़ चुकी है।

छठे मिनट में भारत की ओर से पहला हमला बना। सुनील ने डी के बाहर से अंदर खडे़ बीरेंद्र लाकड़ा को खूबसूरत पास दिया, जिन्होंने सिर्फ गेंद को गोल में पहुंचाने के लिए स्टिक भर लगाई। अभी ऑस्ट्रेलिया इस गोल के सदमे से संभली भी नहीं थी कि डी के बाहर से एक बार सुनील ने अफ्फान यूसुफ को रिवर्स पास दिया।
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अफ्फान ने गेंद युवराज वाल्मीकि की ओर सरकाई और उन्होंने गोल भेद दिया। पहले 20 मिनटों में सब कुछ सही घट रहा था। लेकिन यहां से ऑस्ट्रेलिया ने गेंद पर ऐसा कब्जा जमाया कि कड़ाके की सर्दी में भारतीयों के पसीने छूट गए।

ऑस्ट्रेलिया ने पहला गोल 24वें मिनट में दूसरे पेनाल्टी कार्नर पर निकोलस बजिओन की ड्रैग फ्लिक पर किया। पांच मिनट बाद डेनियल बील ने डी के बाहर से कोणीय पास फेंका, जिसे जेसन विल्सन ने गोल में सरका दिया।

दूसरे हाफ में किए चार गोल
मैन ऑफ द मैच ग्लेन टर्नर ने पहले हाफ के अंतिम मिनट में डी के बाहर से जैकब व्हीटन के मिले पास पर गोलकर न सिर्फ 3-2 से ऑस्ट्रेलिया को बढ़त दिलाई बल्कि मैच की बाकी की कहानी भी लिख डाली। दूसरा हाफ शुरू होते ही ऑस्ट्रेलिया ने ताबड़तोड़ गोल ठोकने शुरू कर दिए।

रसेल फोर्ड ने 41वें और 47वें, साइमन आचर्ड ने 45वें, जैकब व्हीटन ने 65वें मिनट में गोलकर ऑस्ट्रेलिया की जीत 7-2 से लिख दी। यह लगभग वैसा ही समां था जैसा कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में इसी स्टेडियम पर देखने को मिला था। जब ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 8-0 से रौंदा था।

हालांकि दूसरे हाफ में युवराज वाल्मीकि को दो निश्चित गोल करने के मौके मिले। लेकिन बेकार गए। जबकि भारत को तीन पेनाल्टी कार्नर मिले। तीनों ही मौकों पर मुख्य ड्रैग फ्लिकर रूपिंदर पाल सिंह मैदान से बाहर थे।

वर्ल्ड हॉकी लीग फाइनल्स के पहले मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारी भरकम जीत दर्ज कर अपने कद का अहसास कराने वाली ओलंपिक चैंपियन जर्मनी की ऐसी लय भंग हुई कि उसे टूर्नामेंट से बुधवार को बाहर होना पड़ा। कड़ी प्रतिद्वंद्वी नीदरलैंड ने उसे क्वार्टर फाइनल में अप्रत्याशित रूप से 2-1 से परास्त कर सेमीफाइनल में जगह बना ली।

इससे पहले इंग्लैंड ने टूर्नामेंट में अपने अजेय क्रम को बरकरार रखते हुए बेल्जियम को 1-0 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया। वहीं न्यूजीलैंड ने अर्जेंटीना को सडन डेथ में 4-3 से हराकर सेमीफाइनल में इंग्लैंड से खेलने का हक हासिल किया।
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