सार
राष्ट्रीय खेल दिवस को सिर्फ खिलाड़ियों की उपलब्धियों के सम्मान तक सीमित रखने के बजाय देश के खेल मॉडल की समीक्षा का अवसर बनाया जाना चाहिए। पेरिस ओलंपिक में भारत ने 329 में से केवल 69 मेडल इवेंट में हिस्सा लिया और छह पदक जीते। ऐसे में ज्यादा खेलों में भागीदारी बढ़ाने के साथ प्रतिभा और संभावनाओं के आधार पर खेलों का चयन कर तैयारी कराने की जरूरत है।
हॉकी के जादूगर कहलाने वाले मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस 29 अगस्त के दिन भारत हर साल राष्ट्रीय खेल दिवस मनाता है। इस दिन खिलाड़ियों की उपलब्धियों का सम्मान किया जाता है, लेकिन क्या राष्ट्रीय खेल दिवस का असली लक्ष्य यही होना चाहिए? क्या इसे देश के खेल मॉडल की समीक्षा का दिन नहीं बनाया जा सकता?
इस बार खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दिन को याद करते हुए ओलंपिक पदक तालिका में आगे बढ़ने का बड़ा लक्ष्य रखा है। उन खेलों में भागीदारी बढ़ाने को कहा है, जिनमें भारत भाग ही नहीं लेता है। पेरिस ओलंपिक में भारत ने 329 में से 69 मेडल इवेंट में भाग लिया था। शायद इसी कारण प्रधानमंत्री ने ज्यादा इवेंट में भाग लेने को कहा है, क्योंकि खिलाड़ी उतरेगा नहीं तो पदक की संभावना शून्य होगी। ऐसे में राष्ट्रीय खेल दिवस पर देश को पदक की दौड़ पोडियम से पहले प्रतिभा खोज से शुरू करनी चाहिए।
पेरिस में बदल पाए थे 6.3 फीसदी मौके पदक में
- 329 मेडल इवेंट 32 खेलों में 10,500 खिलाड़ियों ने पेरिस ओलंपिक 2024 में हिस्सा लिया।
- 69 मेडल इवेंट 16 खेलों में ऐसे थे, जिनमें भारत ने 117 खिलाड़ियों के दल को उतारा था।
- 21% हिस्सेदारी रही मेडल इवेंट के हिसाब से भारतीय खिलाड़ियों की, 50% खेलों में उतरकर।
- 95 पदक जीतने का मौका भारत के पास इन 16 खेलों के 69 मेडल इवेंट के दौरान था।
- 06 पदक (1 रजत, 5 कांस्य) ही भारत ने पेरिस ओलंपिक के 69 मेडल इवेंट में हासिल किए।
- 6.3% मौकों को ही भारतीय एथलीट पेरिस ओलंपिक में पदक में बदलने में सफल हो सके।
- 04 खेल (3 शूटिंग, 1 एथलेटिक्स, 1 हॉकी, 1 कुश्ती) ही 16 में से ये 6 पदक जीतकर लाए।
- 12 खेलों में भारतीय खिलाड़ी पदक जीतने में सफल नहीं हो सके, यानी महज घूमने पेरिस गए।
यह भी रखना होगा ध्यान
भारत ने रियो ओलंपिक 2016 में 2, टोक्यो ओलंपिक 2020 में 7 व पेरिस ओलंपिक 2024 में 6 पदक जीते थे। तीनों ओलंपिक में खिलाड़ियों की संख्या 117 से 119 रही। इस हिसाब से देखें तो खिलाड़ी बढ़ने पर पदक भी बढ़ेंगे। उन खेलों पर भी ध्यान देना होगा, जिनमें भारतीय एथलीट चौथे-पांचवें स्थान पर रहकर चूक गए। उन्हें शीर्ष-3 में लाने का मॉडल बनाना होगा। राज्यसभा की खेल संबंधी समिति ने पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद रिपोर्ट में कहा था कि भारत को भी प्रतिभा व संभावना के आधार पर खेल चुनकर तैयारी करानी चाहिए।