आकाशदीप सिंह के दो गोल की मदद से भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने चार मैचों की टेस्ट सीरीज के आखिरी मैच में वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में 3-1 से हराकर ऐतिहासिक जीत हासिल की।
आकाशदीप ने 13वें और 43वें तथा के उथप्पा ने 53वें मिनट में गोल कर भारतीय टीम को मैच में 3-1 से एकतरफा जीत दिलाई। ऑस्ट्रेलिया की ओर से एकमात्र गोल 36वें मिनट में टॉम क्रेग ने ठोका।
टीम के नियमित कप्तान सरदार सिंह पिछले मैच में बाहर बैठने के बाद इस मैच में वापस मैदान पर लौटे। सरदार की वापसी के बाद खिलाड़ियों का आत्मविश्वास देखते ही बनता था। इसी का परिणाम था कि 13वें मिनट में मिले पेनाल्टी कॉर्नर पर वीआर रघुनाथ के फ्लिक को आकाशदीप ने बेकार नहीं जाने दिया और टीम के लिए खाता खोला। हालांकि 36वें मिनट में ऑस्ट्रेलिया स्कोर बराबर करने में सफल रहा।
पहले मैच में मिली हार के बाद जबरदस्त वापसी करने वाली भारतीय टीम ने 7 मिनट बाद ही बढ़त 2-0 कर दी। इस बार आकाशदीप ने कोठाजीत के पास को आसानी से गोल पोस्ट में डाला।
इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने वापसी की भरपूर कोशिश की लेकिन चौथे हाफ में उथप्पा ने गोल ठोक ऑस्ट्रेलिया के मनोबल को चकनाचूर कर दिया। मैच समाप्त होने से पांच मिनट पहले ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय गोल पोस्ट पर ताबड़तोड़ हमले किए लेकिन गोलकीपर पीआर श्रीजेश की दीवार को वह लांघ नहीं सके।
कप्तान सरदार ने लगाया 'दोहरा शतक'
टीम के कप्तान सरदार सिंह ने रविवार को अपना 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल एक और उपलब्धि हासिल कर ली।
सरदार की इस उपलब्धि पर हॉकी इंडिया के महासचिव मोहम्मद मुश्ताक अहमद ने बधाई देते हुए कहा, "सरदार सिंह के 200 मैच खेलने की उपलब्धि से हॉकी इंडिया बेहद खुश है। अपने पहले मैच से ही वह टीम के अहमद सदस्य रहे हैं और हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। सीनियर खिलाड़ी और कप्तान होने के नाते वह युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। हम आगामी टूर्नामेंटों के लिए उन्हें शुभकामना देते हैँ।"
सरदार ने सीनियर टीम में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत 2006 में की थी। वह भारत के सबसे कम उम्र में कप्तान बनने वाले खिलाड़ी भी हैं।