ग्लासगो में हुए 20वें राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर भले ही जीतू राय ने देश का गौरव बढ़ाया लेकिन अपनी इस उपलब्धि पर राज्य सरकार की बेरुखी से हैरान यह पिस्टल शूटर उत्तर प्रदेश छोड़ने का मन बना रहे हैं।
जीतू ने इस साल जून में 9 दिन के अंदर 3 वर्ल्ड कप खिताब जीते लेकिन इसके बावजूद वह अपने शहर लखनऊ में अनजान बने हुए हैं और उन्हें पिछले 8 साल में इस शहर से कुछ भी हासिल नहीं हुआ।
प्रदेश सरकार के रवैये से निराश जीतू ने कहा, "2011 में हुए झारखंड नेशनल गेम्स में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाला मैं एक मात्र शूटर था। मैंने यूपी का अब तक 6 नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में प्रतिनिधित्व किया, लेकिन उन्हें मेरा यहां से ताल्लुक रखने को लेकर आशंका बनी हुई है।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं लखनऊ में 2006 से रह रहा हूं और यही मेरा घर है। मुझे इस बात का गहरा दुख है कि उत्तर प्रदेश के लिए इतना पदक जीतने और राज्य का नाम रोशन करने के बावजूद मुझे अब तक वह सम्मान नहीं मिला जिसका मैं हकदार हूं।"
'पिस्टल किंग' जीतू ने हाल ही में 20वें राष्ट्रमंडल खेलों में नए गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता था। 25 वर्षीय नेपाली मूल के जीतू के पास उत्तर प्रदेश छोड़ने का विकल्प खुला है।
बकौल जीतू, "अब मैं शायद उनके पुरस्कार ईनाम को स्वीकार नहीं करूं। मैं अन्य राज्यों से अनुरोध करने पर विचार कर रहा हूं। अगर वह मेरी उपलब्धियों को मान्यता देना नहीं चाहते तो वह मुझसे कह सकते हैं कि मैं हरियाणा या पंजाब जैसे अन्य राज्यों का प्रतिनिधित्व कर सकता हूं।"