2012 में अपना पहला एशियन टूर खिताब जीतने वाले भारतीय गोल्फर दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनका खराब दौर पीछे छूट गया है और अब वह नए उत्साह के साथ आने वाली चुनौतियों का सामना करेंगे। सोमवार को यहां तीसरे पैनासोनिक ओपन गोल्फ की घोषणा के अवसर पर 2011 के विजेता अनिर्वाण लाहिडी और 2012 के चैंपियन दिग्विजय भी मौजूद थे। गत चैंपियन दिग्विजय ने उम्मीद जताई कि इस बार भी कोई भारतीय ही यह खिताब जीतकर हैट्रिक बनाएगा।
पैनासोनिक ओपन गोल्फ पर है नजर
चार से सात अप्रैल तक यहां दिल्ली के गोल्फ कोर्स में चलने वाले पैनासोनिक ओपन गोल्फ में 22 देशों के 156 एशियन टूर प्रोफेशनल हिस्सा लेंगे। तीन लाख डॉलर की इनामी राशि वाले इस टूर्नामेंट में 25 एशियन टूर विजेता भी चुनौती पेश करेंगे। टूर्नामेंट के शीर्ष तीन खिलाड़ियों को इस साल जापान के ओसाका में सितंबर में एशिया पैसिफिक पैनासोनिक ओपन में खेलने का निमंत्रण मिलेगा। इस दौरान दिग्विजय ने कहा कि उनके ऊपर मौजूदा चैंपियन होने का कोई दबाव नहीं है। दबाव तो तब था जब उन्होंने यह खिताब नहीं जीता था।
भारतीय गोल्फ में है काफी गहराई
इस दौरान दिग्विजय से पूछा गया कि चैंपियन बनने के बाद उनकी फॉर्म खराब क्यों हो गई तो उन्होंने कहा, ‘पैनासोनिक ओपन जीतने के बाद मैं खराब दौर से गुजरा। इस दौरान मेरे सामने कई परेशानियां आई। मेरी फिटनेस और तकनीक में भी कमी आई। लेकिन अब सब कुछ सही हो चुका है। मैं खराब दौर से निकल चुका हूं और वापसी के लिए तैयार हूं।’
साथ ही दिग्विजय ने कहा भारतीय गोल्फ में अब काफी गहराई आ गई है। मुझे बड़ी हैरानी होगी यदि कोई भारतीय इस बार खिताब नहीं जीत पाता है। भारतीयों के पास दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को हराने का दम है। जीव मिल्खा सिंह ने गत वर्ष स्काटिश ओपन जीतकर इस बात को साबित कर दिखाया था।