भारत ने 2018 यूथ ओलंपिक के हॉकी फाइव साइड हॉकी स्पर्धा में पहली बार मेडल जीता, जब विवेक प्रसाद और उनकी टीम ने रविवार को सिल्वर मेडल जीता। भारतीय पुरुष हॉकी टीम को फाइनल में मलयेशिया के खिलाफ 2-4 की शिकस्त झेलनी पड़ी।
कुछ घंटों के बाद महिला टीम ने भारतीय हॉकी फाइव साइड में सिल्वर मेडल जीतकर पदकों की संख्या में इजाफा किया। भारतीय महिला हॉकी टीम को फाइनल में अर्जेंटीना के हाथों 1-3 की शिकस्त सहनी पड़ी। बता दें कि यह पहला मौका था जब भारतीय टीम फाइव साइड स्पर्धा में उतरी थी।
फाइनल में कमाल नहीं कर सकी भारतीय टीम
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3-4 से शिकस्त के अलावा भारतीय टीम ने अपने सभी मुकाबले जीतकर फाइनल में प्रवेश किया था। विवेक ब्रिगेड को रविवार को गोल्ड मेडल का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। कप्तान विवेक ने दूसरे ही मिनट में गोल करके मलयेशिया पर दबाव भी बढ़ा दिया।
हालांकि, इसके बाद मलयेशिया ने भी वापसी और जल्द ही स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद विवेक ने छठें मिनट में एक और गोल करके भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी। मलयेशिया ने दूसरे हाफ में कमाल की वापसी की और तीन गोल दागते हुए मुकाबला 4-2 से जीत लिया।
मेजबान टीम से पार नहीं पा सकी भारतीय टीम
अर्जेंटीना ने अपनी साख को बरकरार रखते हुए एकतरफा मैच में भारतीय महिला टीम को मात दी। अर्जेंटीना को गोल्ड मेडल जीतने का प्रबल दावेदार भी माना जा रहा था। मेजबान टीम ने शुरुआत से भारत को कोई मौका नहीं दिया और गेंद ज्यादातर अपने नियंत्रण में रखी। इसका फायदा भी अर्जेंटीना को मिला और उसने मैच 3-1 से जीतकर गोल्ड अपने नाम किया।