अंतिम क्षणों में गोल खाना भारतीय हॉकी टीम की लंबे समय से कमजोरी बनी हुई है। सुल्तान अजलान शाह कप में दक्षिण कोरिया के खिलाफ पिछले मैच में इसी कारण उसके हाथ से जीत फिसल गई और 1-1 से बराबरी पर रहे मैच में अंक बांटने पड़े। मंगलवार को पुराने प्रतिद्वंद्वी और मेजबान मलयेशिया के खिलाफ होने वाले मुकाबले में वह अपनी इसी लापरवाही से बचना चाहेगी।
एशियाई चैंपियन जापान के खिलाफ पहले मुकाबले में 2-0 से जीत हासिल करने वाली मनप्रीत सिंह की टीम छह टीमों के टूर्नामेंट में चार अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है। दूसरी ओर मलयेशिया की टीम क्रमश: पोलैंड और जापान के खिलाफ 5-1 और 4-3 की जीत के साथ शीर्ष पर चल रही है। कोरिया के भी भारत के समान चार अंक हैं लेकिन वह आठ बार की ओलंपिक चैंपियन से गोल अंतराल के लिहाज से आगे है।
रविवार को कोरिया के खिलाफ भारत ने 28वें मिनट में मनदीप सिंह के गोल से बढ़त हासिल कर ली थी लेकिन फाइनल हूटर बजने से महज 22 सेकंड पहले जोंघयन जंग ने पेनाल्टी कॉर्नर पर कोरिया को बराबरी दिला दी। मंगलवार को भारतीय टीम इस गलती को दोहराना नहीं चाहेगी खासतौर पर मलयेशिया जैसी टीम के सामने जो पीछे इन कमजोरियां का फायदा उठा भी चुकी है।
पहले भी मलयेशिया पड़ी है भारी
एशियाई टीमों में लंबे समय से मजबूत ताकत मानी जाने वाली मलयेशिया की टीम कई बड़ी टीमों के खिलाफ उलटफेर कर चुकी है। वर्ष 2010 में मलयेशिया ने गुआंगजू एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में अंतिम मिनट में किए गोल से भारत को 4-3 से हराया था।
आठ साल बाद जकार्ता एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में भी इसी प्रतिद्वंद्वी ने अंतिम क्षणों में बराबरी हासिल की थी और अंतत: पेनाल्टी शूटआउट में मुकाबला जीत लिया था। भारत के पूर्व कोच रोलेंट ओल्टमेंस के रूप में मलयेशिया के पास अच्छा रणनीतिक है। साथ ही पेनाल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ मुहम्मद राजी रहीम और सारी ब्रदर्स फितरी और फैजल हैं जिससे भारतीय रक्षा पंक्ति को सतर्क रहना होगा।
04 : अंकों के साथ तीसरे स्थान पर चल रही है भारतीय टीम टूर्नामेंट में
06: अंक के साथ शीर्ष पर चल रही है मेजबान मलयेशिया