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'सरदार पा जी के सभी को साथ लेकर चलने के मंत्र को लेकर बढ़ रहे हैं'

Tue, 30 Oct 2018 08:52 PM IST
सत्येन्द्र पाल सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आकाशदीप सिंह और सरदार सिंह
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स्ट्राइकर आकाशदीप सिंह अब से बस एक महीने बाद भुवनेश्वर में होने वाले ओडिशा हॉकी विश्व कप में भारत के हमलों के सूत्रधार रहने वाले हैं। वहीं सुरेन्दर कुमार पर दुनिया की धुरंधर टीमों के खिलाफ ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह के साथ बतौर फुलबैक भारत के किले की चौकसी की जिम्मेदारी रहने वाली है। 

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मिडफील्ड जनरल  सरदार सिंह  के एशियन चैंपियंस ट्रॉफी से पहले अंतर्राष्ट्रीय हॉकी को अलविदा कहने के बाद आकाशदीप और सुरेन्दर ने टीम को खिताब बरकरार रखने में अहम भूमिका निभाई। इन दोनों से विश्व कप से पहले चुनौतियों पर 'अमर उजाला' ने खास बात की।

आकाशदीप ने कहा, 'हम एशियाई चैंपियंस पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में उसे मैदान पर हराकर खिताब जीतना चाहते थे। मौसम पर हमारा बस नहीं है क्योंकि बारिश के कारण फाइनल धुल गया। हम पाकिस्तान के साथ संयुक्त विजेता रहे। हमारी टीम के हर खिलाड़ी ने मस्कट में शानदार खेल दिखाकर यह दर्शाया कि वह भुवनेश्वर में हॉकी विश्व कप के लिए तैयार है।' 
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'हमारे लिए एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी विश्व कप से पहले अपने सभी विकल्पों को आजमाने का मौका था। हमारे कोच साहब हरेन्द्र सर ने सब विकल्पों को आजमाया भी। हमारी टीम शारीरिक और मानसिक रूप से विश्व कप में बेहतरीन प्रदर्शन को बेताब है।'

उन्होंने कहा, 'सरदार पाजी के अनुभव की कोई भी जगह नहीं ले सकता है। सरदार पा जी की टीम को सबसे बड़ी सीख यह है एक इकाई के रूप में जूनियर और सीनियर को साथ लेकर चलना। मुझ सहित भारतीय टीम के सभी सीनियर खिलाड़ी  सरदार पा जी के इसी मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। जहां तक विश्व कप की बात है तो हर टीम पूरी तैयारी के साथ इसमें आएगी। हम विश्वकप में अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाने की कोशिश कर अपने दर्शकों को निराश नहीं करेंगे।'

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डिफेंस को मजबूत करने पर तवज्जो : सुरेन्दर कुमार

सुरेन्दर कुमार
वहीं सुरेन्दर कुमार कहते हैं, 'जकार्ता एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में मलयेशिया के हाथों हार एक बुरे सपने की तरह थी। इसे भुला पाना तो मुमकिन नहीं है। फिर भी मस्कट में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में हमने बतौर टीम एक इकाई के रूप में खेले। टीम में हर किसी ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। हमारी टीम ने मस्कट में बिना एक भी मैच हारे अपना खिताब बरकरार रखा।' 

सरदार भाई लीजैंड थे और रहेंगे

'सरदार के अंतर्राष्ट्रीय हॉकी को अलविदा कहने के बाद एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में सेंटर हाफ की जिम्मेदारी हमारे कप्तान मनप्रीत ने शिद्दत से निभाई। मनप्रीत ओडिशा विश्व कप में सरदार की जगह को भरने की पूरी कोशिश करेंगे। हम अपने डिफेंस को मजबूत करने और प्रतिद्वंद्वी टीम को पेनल्टी कॉर्नर हासिल न करने पर तवज्जो दे रहे हैं। हमारी कोशिश विश्व कप में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की रहेगी। हम विश्व कप में मैच दर मैच आगे बढ़ेंगे और फाइनल में पहुंचने की पूरी कोशिश करेंगे।' 
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