वहीं सुरेन्दर कुमार कहते हैं, 'जकार्ता एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में मलयेशिया के हाथों हार एक बुरे सपने की तरह थी। इसे भुला पाना तो मुमकिन नहीं है। फिर भी मस्कट में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में हमने बतौर टीम एक इकाई के रूप में खेले। टीम में हर किसी ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। हमारी टीम ने मस्कट में बिना एक भी मैच हारे अपना खिताब बरकरार रखा।'
सरदार भाई लीजैंड थे और रहेंगे
'सरदार के अंतर्राष्ट्रीय हॉकी को अलविदा कहने के बाद एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में सेंटर हाफ की जिम्मेदारी हमारे कप्तान मनप्रीत ने शिद्दत से निभाई। मनप्रीत ओडिशा विश्व कप में सरदार की जगह को भरने की पूरी कोशिश करेंगे। हम अपने डिफेंस को मजबूत करने और प्रतिद्वंद्वी टीम को पेनल्टी कॉर्नर हासिल न करने पर तवज्जो दे रहे हैं। हमारी कोशिश विश्व कप में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की रहेगी। हम विश्व कप में मैच दर मैच आगे बढ़ेंगे और फाइनल में पहुंचने की पूरी कोशिश करेंगे।'