सरदार ने फिर दोहराया कि उन्हें संन्यास लेने के लिये किसी ने बाध्य नहीं किया लेकिन उन्होंने कहा कि एशियाई खेलों में मलेशिया से सेमीफाइनल में हारने के बाद ही उनके मन में यह बात आ गयी थी।
उन्होंने कहा, 'मैंने अपनी फिटनेस को देखते हुए शुरू में 2020 तोक्यो ओलंपिक तक खेलने के बारे में सोचा था। लेकिन इस मैच में हार के बाद मैंने कोच, सीनियर खिलाड़ियों से बात की और अपने परिवार के सदस्यों से सलाह मशविरा किया। इसके बाद ही मैंने संन्यास का फैसला किया। यह मुश्किल फैसला था लेकिन यह हर किसी खिलाड़ी की जिंदगी में आता है।'
उन्होंने कहा, 'राजनेता का बेटा होने के आरोप आधारहीन है। हम जानते हैं कि सभी आयु वर्ग और सीनियर टीमों में जगह बनाने के हजारों दावेदार हैं लेकिन केवल 15 ही खेल सकते हैं। ऐसे में बहुत से अनावश्यक आरोप लगा सकते हैं।