'द वर्ल्ड गेम्स' ने विश्व भर के खेल प्रेमियों द्वारा 20 दिन के मतदान के बाद गुरुवार को विजेता के रूप में रानी की नाम की घोषणा की। उसने बयान में कहा, 'रानी 199,477 मतों की प्रभावशाली संख्या के साथ वर्ष की खिलाड़ी बनने की दौड़ में स्पष्ट विजेता के रूप में उभरी। इसमें जनवरी में 20 दिनों में विश्व भर के खेल प्रेमियों ने अपने पसंदीदा खिलाड़ी के लिये मतदान किया। इस दौरान कुल 705,610 मत पड़े।'
रानी ने 15 साल की उम्र में 2009 में देश के लिए पदार्पण किया था। उन्होंने 2016 में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली भारतीय टीम का नेतृत्व किया था। उनकी कप्तानी में भारत ने पिछले साल एफआईएच सीरीज फाइनल्स जीता था और रानी को टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था।
रानी की अगुवाई में ही भारत ने तीसरी बार ओलंपिक खेलों (टोक्यो 2020) के लिए क्वालीफाई किया। रानी को 2016 में अर्जुन पुरस्कार दिया गया जबकि हाल में वह पदमश्री पुरस्कार के लिए चुनी गई।
पिछले कुछ वर्षों में साइ ने कई प्रमुख खिलाड़ियों को कोच के रूप में नियुक्त किया है। यह नियुक्ति तब हुई है जब वे सक्रिय खिलाड़ी भी है। इसका मकसद उनके और उनके परिवारों के लिए वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना है।साइ ने मुहम्मद अनस याहिया, शरद कुमार, ओपी जैशा, सविता पूनिया और अश्विनी अकुंजी जैसे खिलाड़ियों कोच के रूप में नियुक्त किया है।