हॉकी इंडिया लीग के रंगारंग आगाज पर पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खिलाए जाने का विवाद भारी पड़ गया। मुंबई में शिवसैनिकों के विरोध प्रदर्शन के बाद सोमवार को जहां मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में लाइट शो की चमक बिखर रही थी। वहीं, स्टेडियम के बाहर पाकिस्तानी खिलाड़ियों को वापस भेजो के नारे लग रहे थे।
यह उग्र होते विरोध प्रदर्शन का ही नतीजा है कि उद्घाटन मुकाबले के लिए उतरी दिल्ली वेवराइडर्स और जेपी पंजाब वारियर्स दोनों ही टीमों ने अपने खिलाड़ियों की सूची में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को जगह नहीं दी। विवाद को ठंडा करने के लिए आयोजक लीग में शामिल पाकिस्तानी खिलाड़ियों को मुंबई में खेलने से रोकने का कदम उठाने जा रहे हैं।
हॉकी इंडिया लीग के एक अधिकारी ने अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि मुंबई में शिवसैनिकों के प्रदर्शन के बाद बैठक हुई है, जिसमें इस बात पर चर्चा हुई है कि विवाद को थामने के लिए लीग में शामिल सभी नौ पाकिस्तानी खिलाड़ियों को मुंबई में नहीं खिलाया जाए। इस पर जल्द अंतिम मुहर लग सकती है।
इस वक्त मुंबई मैजिशिएंस में चार रांची राइनोज और दिल्ली वेवराइडर्स में दो-दो और पंजाब वारियर्स में एक पाकिस्तानी खिलाड़ी शामिल है। इससे पहले मुंबई में प्रदर्शन के बाद मुंबई मैजिशिएंस की टीम दिल्ली आ गई और यहीं प्रैक्टिस की। शाम को प्रैक्टिस सत्र में चारों पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
उद्घाटन समारोह से पहले स्टेडियम के गेट नंबर वन के बाहर दिल्ली प्रदेश पैंथर्स पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को वापस भेजने के लिए प्रदर्शन किया। पंजाब वारियर्स की टीम में कासिफ शाह और वेवराइडर्स की टीम में मोहम्मद रिजवान जूनियर और सीनियर खिलाड़ी हैं। लेकिन इन तीनों का ही नाम टीम में नहीं था।