गुड़गांव के एक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे हॉकी के दिग्गज मुहम्मद शाहिद की मदद के लिए हाथ खड़े करवाने की नौबत आन पड़ी है। सोशल मीडिया पर जहां शाहिद की मदद के लिए प्रस्तावों की बाढ़ आ चुकी है।
वहीं खेल मंत्री ने शुक्रवार को इस महान हॉकी खिलाड़ी की हर संभव मदद का आश्वासन ट्वीट तब कर दिया जब एक अन्य हॉकी दिग्गज धनराज पिल्लई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शाहिद के लिए मदद की गुहार लगा डाली।
प्रधानमंत्री कार्यालय और रेल मंत्री की ओर से भी ड्रिब्लिंग के इस जादूगर के प्रति हमदर्दी दिखाने को न तो कोई ट्वीट किया गया और न ही अब तक कोई सुध ली गई है।
शाहिद के बेटे मुहम्मद सैफ को दुख है कि उनके पिता को गुड़गांव के अस्पताल में दाखिल कराए तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी गणमान्य ने उनकी सुध नहीं ली है। यहां तक उनके नियोक्ता संस्थान रेलवे की ओर से भी कोई नहीं आया है।
सैफ के मुताबिक उनके पिता का लीवर ट्रांसप्लांट तभी किया जा सकता है जब तक उनकी किडनी में आए इन्फेक्शन को दूर न कर दिया जाए। किडनी में इन्फेक्शन की बात यहीं पता लगी है। अब तक उनके इलाज पर ढाई से तीन लाख रुपये का खर्च आ चुका है।
शाहिद को देखने के लिए कभी उनके कप्तान और मशहूर जोड़ीदार रहे जफर इकबाल और एमके कौशिक ही पहुंचे हैं। हालांकि कई खिलाड़ी फोन के जरिए उनके परिवार से हालचाल ले रहे हैं। दरअसल आज दोपहर धनराज पिल्लई ने शाहिद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की अपील की।
पिल्लई ने कहा शाहिद पीएम के संसदीय क्षेत्र से आते हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब तक किसी भी मंत्री और राजनेता ने उन्हें याद नहीं किया है। इसके कुछ ही देर बाद खेल मंत्रालय के ट्विटर हैंडल अकाउंट से खेल मंत्री जितेंद्र सिंह का ट्वीट आ गया कि वह शाहिद और बीपी गोविंदा के लिए हर संभव मदद का प्रयास करेंगे।