कप्तान सेंटर हॉफ मनप्रीत सिंह की अगुआई वाली बुधवार से शुरू हो जा रहे पुरुष हॉकी विश्व कप में शिरकत करने जा रही 18 सदस्यीय भी टीम में दो 'ट्रिपल एम' हैं। या फिर यूं कहिए कि दो त्रिमूर्तियों का रोल अहम रहने वाला है।
एक त्रिमूर्ति जालंधर के पास स्थित मीठापुर गांव की हैं तो एक मणिपुर की। मीठापुर से कप्तान मनप्रीत के अलावा स्ट्राइकर मनदीप और फुलबैक वरुण कुमार हैं तो मणिपुर से उपकप्तान चिंगलेनसाना, कोथाजीत तथा यंग नीलकांत शर्मा मध्यपंक्ति में शामिल हैं।
भारतीय कप्तान मनप्रीत ने
'अमर उजाला' से सोमवार को हुई बातचीत में कहा, हमें इस विश्व कप में बतौर टीम ही बढ़िया खेल दिखाकर कामयाबी मिलेगी। यह न तो मीठापुर की टीम है और न ही मणिपुर की यह टीम इंडिया है। मेरे लिए बतौर कप्तान भारतीय टीम का हर खिलाड़ी और उसकी भूमिका अहम है।
उन्होंने कहा, 'हमारे लिए एक अच्छी बात यह है कि हमारे नौजवान खिलाड़ी अब दबाव को बेहतर ढंग से झेलना जान गए हैं। हमारी टीम में सात खिलाड़ी 2016 में लखनऊ में जूनियर हॉकी विश्व कप जीतने वाली उस टीम के हैं जिसके कोच हमारे मौजूदा चीफ कोच हरेन्द्र सिंह थे।'
आगे उन्होंने कहा, 'हमारे जूनियर खिलाड़ी भी अब खासे अनुभवी हो गए हैं और वे भारत के लिए मस्कट में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट में खेल चुके हैं। हमारे जूनियर खिलाड़ियों में ज्यादातर को चैंपियंस ट्रॉफी और एशियाई खेलों जैसे बड़े और अहम टूर्नामेंट खेलने का अनुभव हासिल हो चुका है। आप चाहे यंग मिडफील्डर नीलकांत शर्मा को लें या हार्दिक सिंह ये नौजवान खिलाड़ी मस्कट में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट में खुद की कूवत दिखा चुके हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि हमारी टीम यहां बेहतरीन प्रदर्शन करने में कसर नहीं छोड़ेगी और हॉकी प्रेमियों को निराश नहीं करेगी।'