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आखिरी क्षणों की चूक भारत को ले डूबी

Mon, 20 Jul 2020 12:50 PM IST
Anonymous User भुवनेश्वर/ सत्येंदर पाल सिंह
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भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश नायक बनते-बनते महज 34 सेकंड पहले अति उत्साह में खलनायक बन गए। आखिरी क्षणों में वह फ्लोरियन फुश्च के शॉट को रोकने के लिए गोल खाली छोड़कर आगे बढ़ आए।

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उनका मकसद फुश्च के शॉट के कोण को कम करना था। फुश्च उनसे ज्यादा चतुर निकले। दरअसल उनके पास गेंद भारत के फुलबैक बीरेंद्र लाकड़ा की स्टिक से लगकर आई थी। फुश्च ने इस पर तेज शॉट जमा गोल कर जर्मनी को भारत के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी के पूल ‘बी’ मैच में शनिवार को 1-0 से जीत दिला दी। इससे भारत की मैच ड्रॉ कराने की हसरत पर पानी फिर गया।

ओलंपिक चैंपियन जर्मनी के खिलाफ इस हार से आखिरी क्षणों में गोल खाने का पुराना प्रेत एक बार फिर लौट आया। यहां कलिंग स्टेडियम में जैसे ही फुश्च ने यह गोल दागा तो इस रोमांचक मैच में हार से भारत के प्रशंसकों के चेहरे लटक गए। टैरी वॉल्श की विवादास्पद विदाई में भारत पहले ही इम्तिहान में फेल हो गया। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स और इंचियोन एशियाड में आखिरी क्षणों में गोल खाने की कमजोर से वॉल्श के मार्गदर्शन में निजात पा ली।
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हेग विश्व कप में बेल्जियम से खेल खत्म होने के महज 45 सेकंड पहले और इंग्लैंड से खेल खत्म होने से महज डेढ़ मिनट पहले गोल खाने के कारण भारत को नौंवे स्थान पर रहना पड़ा।

मॉरित्ज फुर्त्जे की टीम में वापसी के बाद ज्यादातर यंग खिलाड़ियों से सज्जित जर्मनी ने उनके मार्गदर्शन में दिखाया कि आखिरी क्षणों में बाजी कैसे जीती जाती है। टर्फ की असमतल उछाल से खिलाड़ी कई बार फिसले। पीआर श्रीजेश ने जर्मनी के फुर्त्जे और कप्तान तोबियाज हाउके के हमलों को नाकाम किया ही चार पेनाल्टी कॉर्नर को रोक कर दर्शाया की बेहतरीन गोलरक्षक हैं। मैन ऑफ द’ मैच चुने गए श्रीजेश की खुशी पर भारत की हार से फीकी हो गई। भारत भले ही यह मैच हार गया हो यदि वह अर्जेंटीना के खिलाफ रविवार का मैच जीतता है वह फिर अपना खोई लय पा लेगा।
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