युवा ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय जेरेमी लालरिनुंगा ने कहा कि वह सीनियर स्तर की भारोत्तोलन प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व कर पिता के सपने को पूरा कर रहा हूं। 17 साल के इस खिलाड़ी के पिता जूनियर मुक्केबाजी चैंपियन थे लेकिन कभी देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिला।
उन्होंने कहा, ‘पिता मेरे करिअर के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। मैंने जब से भरोत्तोलन में हाथ आजमाने का फैसला किया उन्होंने तभी से मेरा पूरा साथ दिया। वह मुक्केबाज थे। उन्होंने खिलाड़ी के तौर पर अपने अनुभव मुझ से साझा किए हैं। वह जूनियर चैंपियन थे लेकिन दुर्भाग्य से देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिला। इसलिए मैं उनके सपने को साकार कर रहा हूं।’