भारत ने दबदबा बरकरार रखते हुए नौंवे मिनट मे दूसरा पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन फाउल कर बैठी। जापान की टीम मौके नहीं बना पा रही थी और उसने पहले 15 मिनट में केवल दो बार ही भारतीय सर्कल में प्रवेश किया। पर दूसरी बार जब टीम सर्कल के अंदर पहुंची तो जापानी फॉरवर्ड पंक्ति ने मिलकर गोल में पहले शाट पर ही बराबरी गोल दाग दिया। कानोन मोरी के डिफ्लेक्शन शॉट का भारतीय गोलकीपर सविता बचाव नहीं कर सकी।
दूसरे क्वार्टर में वंदना कटारिया ने 18वें मिनट में गोल करने का शानदार मौका गंवा दिया जिनका शाट गोल से बाहर चला गया। जापान ने लय में आना शुरू कर दिया और उसने कई मौके भी बनाए, पर भारतीय रक्षापंक्ति ने सुनिश्चित किया कि विपक्षी टीम का कोई प्रयास सफल नहीं हो। दोनों टीमें बढ़त बनाने की होड़ में लगी रहीं, इसी दौरान जापान ने दो बार सर्कल में प्रवेश किया और दो शॉट लगाए जबकि भारत ने आठ बार सर्कल में सेंध लगाई और पांच शॉट लगाए।
भारत को तीसरे क्वार्टर में एक और पेनल्टी कार्नर मिला। ड्रैग फ्लिकर गुरजीत फिर तारणहार निकली, उन्होंने जापानी गोल के बाईं ओर से शाट लगाया और टीम को 2-1 से बढ़त दिला दी। चौथे क्वार्टर में भी गोल करने के लिए मशक्कत जारी रही और अंतिम मिनट में गुरजीत ने पेनल्टी कॉर्नर पर मैच में दूसरा गोल दागकर स्कोर 3-1 कर दिया और भारतीय टीम को जीत दिलाई।
पीएम मोदी ने दी टीम को बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय टीम के खेल पर ट्वीट करते हुए लिखा, 'असाधारण खेल, शानदार परिणाम!' पीएम ने आगे लिखा, 'महिला एफआईएच सीरीज फाइनल्स हॉकी टूर्नामेंट जीतने के लिए हमारी टीम को बधाई। यह शानदार जीत हॉकी को भविष्य में और चर्चित करेगी और कई युवा लड़कियों को यह खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित भी करेगी।'