कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम को अपने पहले ही मुकाबले में बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। भारतीय महिला हॉकी टीम को वेल्स ने 3-2 से शिकस्त दी। 57वें मिनट में वेल्स की नताशा ने निर्णायक गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई और कॉमनवेल्थ गेम्स में अपनी जीत का खाता खोला।
कॉमनवेल्थ गेम्स के पहले मुकाबले में किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि भारतीय महिला हॉकी टीम वेल्स के आगे घुटने टेक देगी। लेकिन उम्मीद से उलट यहां कुछ और ही परिणाम देखने को मिले। वेल्स ने शुरुआती मिनटों में भारत पर दबाव बनाया और खेल के सातवें मिनट में ही पहला गोल दाग दिया। यह गोल सियान फ्रेंच ने किया था। नौवें मिनट में भारत को पहला पेनाल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन गुरजीत इसे गोल में तब्दील नहीं कर पाईं।
इसके बाद 26वें मिनट में वेल्स को पेनल्टी स्ट्रोक मिला जिसे गोल में बदल कर सियान फ्रेंच ने वेल्स को 2-0 से आगे कर दिया। भारतीय कप्तान रानी रामपाल ने 34वें मिनट में गोल कर भारत का खाता खोला। इसके बाद भारतीय महिला हॉकी टीम का आत्मविश्वास बढ़ा और 41वें मिनट में निकी प्रधान ने गोल कर स्कोर 2-2 से बराबरी पर ला दिया।
इसके बाद वेल्स की नताशा ने 57वें मिनट में गोल कर भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अंतिम क्षणों में भारतीय टीम मैच को बराबरी पर खत्म करने में असफल हो गई। बता दें कि इस मैच में भारतीय टीम को कुल 15 पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन वो सिर्फ एक को ही गोल में तब्दील कर पाई।