कोरोना के बढ़ते प्रभाव और तेजी से संक्रमण फैलने के खतरे के बीच दुनियाभर में कई तरह की पाबंदियां लगा दी गई हैं। इसमें मुख्य तौर पर दूसरे देशों की यात्रा करने पर रोक लगाई गई है। यही नहीं महामारी का रूप ले चुके इस खतरनाक वायरस का सबसे अधिक प्रभाव जनजीवन और अर्थव्यवस्था के बाद खेल जगत पर पड़ा है।
दुनियाभर के खेल टूर्नामेंटों को तत्काल प्रभाव से या तो रद्द कर दिया गया है, या फिर उन्हें स्थगित कर दिया गया है। इसे देखते हुए खिलाड़ियों और टीम से जुड़े लोगों को भी कहीं भी यात्रा करने से मना किया गया है। ऐसे में नीदरलैंड के रहने वाले भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच जर्ड मारिने अपने घर वापस नहीं जा पा रहे हैं और भारत में ही फंसे हुए हैं। महिला हॉकी टीम का राष्ट्रीय कैंप टलने के बाद 48 वर्षीय मारिने को शुक्रवार की रात को अपने देश जाना था लेकिन कोरोना के खतरे को देखते हुए वे नहीं जा पाए।
पांच हजार से अधिक लोगों की जान ले चुके इस वायरस को रोकने के लिए तमाम उपाय किए जा रहे हैं। भारत सरकार समेत कई मुल्कों ने अपने यहां विदेशी नागरिकों के आने-जाने पर भी रोक लगा दी है और सभी को घरों में रहकर सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।