भारत की पुरुष हॉकी टीम के 36 साल बाद पहली बार नॉकआउट दौर में पहुंचने का फायदा उसकी रैंकिंग में नहीं मिला। जोरदार खेल के बावजूद रियो ओलंपिक में आठवें स्थान पर रहने के कारण भारतीय हॉकी टीम को एफआईएच रैंकिंग में एक पायदान का नुकसान हुआ और छठे स्थान पर खिसक गई।
सबसे रोचक बात यह रही कि भारत की महिला हॉकी टीम जिसे रियो में एक भी जीत नहीं मिली। उसे ओलंपिक में 12वें और आखिरी स्थान पर रहने के बावजूद एक पायदान का फायदा मिला। और एफआईएच रैंकिंग में 12वें स्थान पर पहुंच गई।
भारत की महिला हॉकी टीम जब रियो ओलंपिक में जब खेलने उतरी थी तो तब वह 13वें पायदान पर थी। रियो ओलंपिक के खत्म होने के बाद एफआईएच की नई पुरुष और महिला रैंकिंग की घोषणा मंगलवार को गई।
सबसे रोचक बात यह रही कि ओलंपिक में छठे स्थान पर रहने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया की पुरुष हॉकी टीम अभी भी रैंकिंग में शीर्ष पर बरकरार है। सभी को चौंकाकर पहली बार ओलंपिक में पुरुष हॉकी में स्वर्ण पदक जीतने वाली अर्जेंटीना की टीम पांच स्थानों की छलांग लगा कर दूसरे स्थान पर पहुंच गई।
ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली बेल्जियम की पुरुष टीम एक पायदान ऊपर चढ़कर पांचवें स्थान पर पहुच गई। इंग्लैंड (ब्रिटेन) की टीम चौथे स्थान से सातवें स्थान पर खिसक गई।