दो महीने से खेल और खेल के मैदान से दूर रहे हॉकी खिलाड़ियों के लिए खेल पुरस्कारों ने मनोबल बढ़ाने का काम किया है। हॉकी इंडिया की तरफ से महिला टीम की कप्तान रानी रामपाल समेत तीन अन्य खिलाड़ियों के नाम इन राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए भेजे जाने से खिलाड़ी काफी उत्साहित हैं। राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड के लिए नामित होने के बाद महिला टीम की कप्तान रानी रामपाल ने कहा कि इससे उन्हें देश के लिए और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी।
पद्मश्री से सम्मानित हो चुकीं रानी ने अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित टीम की साथी खिलाड़ियों वंदना कटारिया, मोनिका और हरमनप्रीत सिंह के लिए भी काफी खुश हैं और उन्हें बधाई दी है।
रानी ने हॉकी इंडिया द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा, 'मैं भावविभोर हूं कि हॉकी इंडिया ने सर्वोच्च पुरस्कार के लिए मेरा नाम भेजा। उनके लगातार समर्थन से टीम को और मुझे अच्छे प्रदर्शन में मदद मिली है।’ उन्होंने कहा,‘मैं वंदना और मोनिका को बधाई देती हूं जो अर्जुन पुरस्कार की हकदार हैंं। महिला टीम से दो खिलाड़ियों को नामांकन मिलना इस बात का सबूत है कि टीम सही दिशा में बढ़ रही है। इससे हमें आगे और अच्छा खेलने की प्रेरणा मिलेगी।’
विश्व खेल एथलीट का पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय रानी को 2016 में अर्जुन और 2020 में पद्मश्री मिल चुका है। रानी ने कहा कि उसके लिए निर्णायक मोड़ टीम का ओलंपिक खेलना था। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि रियो ओलंपिक निर्णायक मोड़ था। हमने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया और हमें पता था कि विश्व या एशियाई स्तर पर अच्छा खेलने के लिए काफी मेहनत करनी होगी।’
उन्होंने कहा, ‘हम सभी ने सिर्फ एक लक्ष्य बना रखा था कि हमे विजेता टीम बनना है, छिपे रूस्तम नहीं।’ रानी ने कोच शोर्ड मारिने को टीम में आत्मविश्वास भरने का श्रेय देते हुए कहा, ‘हमारे पास शानदार सहयोगी स्टाफ हैं। कोच शोर्ड मारिने हमें हमेशा दिल की बात कहने और साहसी बनने के लिये प्रेरित करते हैं। सहयोगी स्टाफ को काफी श्रेय जाता है।’