वह कहते हैं, ' हमारी टीम की ताकत हमारे जवाबी हमले, मध्यपंक्ति में सेंटर हाफ सरदार सिंह और गोलरक्षक कप्तान पीआर श्रीजेश जैसे सदाबहार अनुभव खिलाड़ी है। यंग मिडफील्डर विवेक सागर प्रसाद और स्ट्राइकर दिलप्रीत सिंह पिछले दो तीन टूर्नामेंट से टीम के अनुभवी खिलाडिय़ों के साथ खेल रहे हैं और इससे उनका हौसला और बढ़ा है। हमारी अग्रिम पंक्ति खासी चुस्त है लेकिन हमें अपने डिफेंस को कुछ और कसने की जरूरत है। हमें मैन टू मैन मार्किंग और ज्यादा से ज्यादा पेनल्टी कॉर्नर बनाने की जरूरत है। हमारे पास रूपिंदर , हरमनप्रीत , वरुण और अमित रोहिदास के रूप में चार बेहतरीन ड्रैग फ्लिकर हैं। इन चारों के कौशल का बेहतर उपयोग करने के लिए हमें इसी लिए ज्यादा पेनल्टी कॉर्नर बनाने की जरूरत है।
आकाशदीप बताते हैं, 'चाहे कोच देशी हो या विदेशी हर किसी की अपना एक अलग नई सोच होती है। अब कोच के सिस्टम को समझने में वक्त लगता है। अच्छी बात यह है कि हर नए कोच से कुछ सीखने को मिलता है। जहां तक हरेन्द्र सर के चीफ कोच का पद संभालने की बात है तो वह खासे सख्त हैं। हमारे लिए अच्छी बात यह है कि हरेन्द्र सर टीम के यंग हरमनप्रीत सिंह जैसे डिफेंडर और ड्रैग फ्लिकर से लेकर सरदार और श्रीजेश से जैस अनुभवी खिलाड़ी तक को किसी न किसी मोड़ पर ट्रेनिंग दे चुके हैं। इससे टीम का हर खिलाड़ी हरेन्द्र सर से वह टीम के हर खिलाड़ी से पूरी तरह वाकिफ हैं। एशियाई खेलों के लिए चीफ कोच हरेन्द्र सिंह सहित पूरा कोचिंग स्टाफ कहीं भी जरा सी भी कमी नहीं छोडना चाहता है। हरेन्द्र सर के मार्गदर्शन में टीम का हर खिलाड़ी चाहे वह विडियो सेशन हो या फिर मनोविज्ञान की क्लास उसका पूरा लुत्फ उठाकर अपना कौशल मांझने में जुटा है।'