भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शुक्रवार को दर्शाया कि 18वें एशियाई खेलों के लिए वह पूरी तरह तैयार है। भारतीय टीम ने अभ्यास मैच में बांग्लादेश को 7-1 के अंतर से बुरी तरह रौंदा।
भारत एशियाई खेल का गत चैंपियन है, जिसने 2014 एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीता था। कोच हरेंद्र सिंह और कप्तान पीआर श्रीजेश पहले ही अपनी इच्छा व्यक्त कर चुके हैं कि वह एक बार फिर गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने की पूरी कोशिश करेंगे।
एशियाई खेलों में जीत से भारत 2020 टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर जाएगा, जो घर में होने वाले विश्व कप से पहले टीम के लिए बड़ी खुशखबरी होगी।
भारतीय कोच हरेंद्र सिंह ने कह चुके हैं, 'पिछले कुछ वर्षों में हम विश्व को दिखा चुके हैं कि भारतीय टीम दोबारा हॉकी के नक्शे पर आ चुकी है। हम विश्व में नंबर-5 पर है और साल के अंत तक हमारा लक्ष्य टॉप थ्री में पहुंचना है।'
जहां मैदान पर भारतीय टीम जोश से लबरेज है, वहीं कप्तान पीआर श्रीजेश चिंतित हैं क्योंकि उनके गृहनगर की स्थिति ठीक नहीं है। केरल इस समय बाढ़ की समस्या से जूझ रहा है, जिससे श्रीजेश चिंतित हैं। हालांकि, इस चिंता के बावजूद पीआर श्रीजेश का पूरा ध्यान अपने खेल पर लगा है और उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ कुछ बेहतरीन बचाव करके इसे साबित भी किया।