भारत की पुरुष हॉकी टीम के कोच ग्राहम रीड टीम को आक्रामक ऑस्ट्रेलियाई अंदाज में खेलने के लिए ढाल चुके हैं। रीड ने टोक्यो में ओलंपिक टेस्ट इवेंट में भारत के आक्रामक अंदाज में शुरू से हावी रह कर खेलने से खिताब जीतने के बाद स्वदेश लौटने पर कहा, हमारी भारतीय टीम की अब अपनी प्रतिद्वंद्वी टीम के हाफ गेंद को रख कर दबाव बनाकर रखने की रणनीति कारगर रही और खिताब जीतने में कामयाब रहे।
हमारी भारतीय टीम 'आक्रमण ही सर्वश्रेष्ठ रक्षण' की रणनीति पर भरोसा कर खेल रही है। हमारा आक्रमण ही हमारी टीम की ताकत है। हमें वन टू वन टैकलिंग जरूर बेहतर करने की जरूरत हैं। डिफेंस को मजबूत करन पर मेहनत कर रहे हैं।
हमारा मकसद अब ओलंपिक क्वॉलिफायर्स जीत टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई करने पर है। हम इसी दिशा में मजबूत कदमों से आगे बढ़ रहे हैं। टोक्यो में टेस्ट इवेंट से हमें उस पिच के मिजाज का अंदाज हो गया जिस पर हमें ओलंपिक के लिए खेलना है।
भुवनेश्वर में ओलंपिक क्वॉलिफायर्स से पहले टोक्यो टेस्ट इवेंट में अपने तरकश के सभी 'तीरों' को आजमाने में सफल रहे। आज पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करना बहुत मुश्किल हो गया क्योंकि प्रतिद्वंद्वी टीम के 'रशर' ड्रैग फ्लिकर के कोण को बेहतर ढंग से भांपने लगे हैं।
ऐसे में आज मैदानी गोल करने के हर मौके को भुनाने के साथ पेनल्टी कॉर्नर पर 'रिबाउंड' पर गोल करने के लिए तैयार रहने की जरूरत होती है। हमारी टीम का फोकस लगातार बेहतर प्रदर्शन और गोल स्कोरिंग बेहतर करने पर है।'