भारतीय महिला हॉकी टीम एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 में गुरुवार को जर्मनी के खिलाफ 5वें-6वें स्थान के मुकाबले में उतरेगी। टीम की नजर इस मुकाबले को जीतकर विश्व कप इतिहास में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज करने पर होगी। भारत ने टूर्नामेंट में अब तक शानदार प्रदर्शन किया है। नौवीं बार विश्व कप में हिस्सा ले रही भारतीय टीम ने पांच मुकाबलों में सिर्फ एक हार झेली है। जर्मनी के खिलाफ जीत भारत को 1974 में हुए पहले विश्व कप में हासिल किए गए चौथे स्थान के बाद अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज करने का मौका देगी।
चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया को दी कड़ी चुनौती
भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में जबरदस्त जुझारूपन दिखाया। उसने पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता चीन के अलावा इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों को ड्रॉ पर रोका। भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 6-1 की धमाकेदार जीत दर्ज की, जो विश्व कप में उसकी अब तक की सबसे बड़ी जीत रही। वहीं, मौजूदा चैंपियन नीदरलैंड्स के खिलाफ भी भारतीय टीम ने मजबूत प्रदर्शन किया। हालांकि नीदरलैंड्स ने मुकाबला 2-0 से अपने नाम किया। दूसरे चरण में भारत तीसरे स्थान पर रहा और कुछ करीबी मुकाबलों में जीत हासिल नहीं कर पाने के कारण सेमीफाइनल में जगह बनाने से चूक गया।
जर्मनी की चुनौती भी आसान नहीं
जर्मनी ने भी टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया है। उसने शुरुआती पूल चरण में स्कॉटलैंड और अमेरिका को हराया, जबकि दूसरे चरण में स्पेन के खिलाफ जीत दर्ज की। हालांकि बेल्जियम के खिलाफ मिली हार के बाद जर्मनी अपने पूल में तीसरे स्थान पर रहा और उसे 5वें-6वें स्थान के मुकाबले में उतरना पड़ा।
कोच मरिज्ने ने कहा- टीम अभी और बेहतर करना चाहती है
भारतीय टीम के मुख्य कोच स्जोर्ड मरिज्ने ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर संतोष जताया, लेकिन कहा कि टीम अभी इससे आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने कहा, 'हमने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बड़े अंतर से जीत दर्ज की और नीदरलैंड्स के खिलाफ भी अच्छा प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों को भी महसूस हो रहा है कि उन्होंने अच्छी प्रगति की है। लेकिन वे निराश भी हैं और यह अच्छी बात है। इसका मतलब है कि उन्हें लगता है कि टीम और बेहतर कर सकती है।' मरिज्ने ने कहा कि टीम ने विश्व कप में 1974 के बाद अपना सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग वाला प्रदर्शन सुनिश्चित कर लिया है, लेकिन अब उसकी नजर इससे भी बेहतर नतीजे पर है।
फॉरवर्ड खिलाड़ियों पर बड़ी जिम्मेदारी
जर्मनी के खिलाफ मुकाबले में भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने बनाए मौकों को गोल में बदलने की होगी। भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में कई मौकों पर विपक्षी टीम के डिफेंस पर दबाव बनाया, लेकिन फिनिशिंग में कमी के कारण उसे जीत से हाथ धोना पड़ा। ऐसे में भारतीय फॉरवर्ड खिलाड़ियों की भूमिका अहम होगी। उन्हें गोल करने के साथ-साथ पेनल्टी कॉर्नर हासिल करने पर भी जोर देना होगा। पेनल्टी कॉर्नर मिलने पर दीपिका और नवनीत कौर भारत के लिए अहम भूमिका निभा सकती हैं।
डिफेंस बनी भारत की ताकत
भारतीय टीम का डिफेंस इस विश्व कप में उसकी मजबूत कड़ी रहा है। गोलकीपर सविता और बिचू देवी खरिबाम ने शानदार प्रदर्शन किया है। वहीं कप्तान सलीमा टेटे ने पेनल्टी कॉर्नर डिफेंस के दौरान अपनी बेहतरीन रशिंग ब्लॉक से टीम को मजबूती दी है। मरिज्ने ने कहा, 'लड़कियों ने पहले ही इतिहास रच दिया है और 1974 के बाद विश्व कप में भारत की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग सुनिश्चित की है। लेकिन हम इससे ज्यादा चाहते हैं। जर्मनी के खिलाफ अच्छा मुकाबला होगा और हम दिखाना चाहते हैं कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ प्रदर्शन से बेहतर कर सकते हैं। हम इसके लिए तैयार हैं।'
जीत से बनेगा नया इतिहास
जर्मनी के खिलाफ जीत भारतीय महिला हॉकी के लिए एक यादगार विश्व कप अभियान का शानदार अंत होगी। पांचवें स्थान पर पहुंचने वाली भारतीय टीम न सिर्फ अपना नया सर्वश्रेष्ठ विश्व कप प्रदर्शन दर्ज करेगी, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए महिला हॉकी में एक नया मानक भी स्थापित करेगी।