वर्ल्ड हॉकी लीग-2 में भारत ने अपने अजेय क्रम को बरकरार रखते हुए चीन को 4-0 से हराकर न सिर्फ चौथी दर्ज की बल्कि लीग के राउंड-3 में प्रवेश भी पक्का कर लिया। बेहद तेज खेले गए मुकाबले में चीनी गोलकीपर रूई जू के शानदार बचाव और डिफेंडरों के बेहतरीन रक्षण की बदौलत जीत का अंतर कम रह गया।
2006 के एशियाई खेलों में भारत को हराकर पहली बार सेमीफाइनल में प्रवेश से रोकने वाली चीन से रोचक संघर्ष की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन अपने कई प्रमुख खिलाड़ियों के बगैर खेल रही चीन की यह टीम सरदार सिंह की अगुवाई वाली भारतीय टीम को चुनौती नहीं पेश कर सकी।
हालांकि कई मौकों पर अपनी तेजी से उन्होंने भारतीय सर्किल में हलचल जरूर मचाई लेकिन रूपिंदर पाल, रघुनाथ के रक्षण को भेद नहीं सके। भारत को पहला पेनाल्टी कार्नर 10वें मिनट में मिला जिसे रघुनाथ ने गोल में भेजकर 1-0 की बढ़त दिलाई। इस दौरान भारतीयों ने कई हमले बोले लेकिन गोली रूई जू ने सभी को बेकार कर दिया।
27वें मिनट में रघुनाथ बांये छोर से ड्रिब्लिंग करते हुए खुद डी में घुस गए। उन्होंने गोल के सामने खड़े आकाशदीप को क्रास फेंका लेकिन यह चीनी डिफेंडर जांग जियान यू की स्टिक से लगकर गोल में चला गया। हॉफ टाइम तक भारत इन्हीं गोलों की बदौलत बढ़त पर था। दूसरे हॉफ की शुरूआत में धरमवीर ने एक और गोलकर बढ़त 3-0 कर दी।
10 मिनट बाद भारत को दूसरा पेनाल्टी कार्नर मिला जिसे रूपिंदर पाल ने गोल में बदला। इसके बाद भारत को दो और पेनाल्टी कार्नर मिले। लेकिन बेकार गए। भारत को अब रविवार को अपना अंतिम लीग मुकाबला बांग्लादेश से खेलना है। इससे पहले बांग्लादेश ने फिजी को 8-4 से व आयरलैंड ने ओमान को 7-2 से हराया।