भारत ने अपनी आक्रामक और कलात्मक हॉकी पर भरोसा किया। धर्मवीर सिंह और कप्तान सरदार सिंह ने अनुभवी लिंकमैन के रूप में मध्य पंक्ति को संभालने के साथ अपने यंग स्ट्राइकर मंदीप सिंह और आकाशदीप सिंह के लिए बराबर गेंद बढ़ाकर इंग्लैंड के गोल पर दबाव बनाकर उसे गलतियां करने पर मजबूर किया।
हेग में खेले गए मैच में इंग्लैंड ने 4 में से 2 पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला जबकि भारत 3 में से एक को भी गोल में नहीं बदल पाया।
दबदबा बनाने के बावजूद अफसोस इस बात का कि भारत की किस्मत नहीं बदली। भारत ने दोहराई मौके चूकने की पुरानी कहानी और उसे अच्छा खेलने के बाद हॉकी विश्व कप में पूल-ए का जो मैच जीतना चाहिए था वह हार गया।
भारत की रक्षापंक्ति की गलती के चलते आखिर के 90 सेकंड में मिले पेनल्टी कॉर्नर को साइमन मेंटल ने गोल में बदल दुनिया की चौथे नंबर की टीम को सोमवार को यहां कुसेरा स्टेडियम में 2-1 से जिता दिया।
इंग्लैंड के 2 मैचों से 4 अंक हो गए हैं जबकि रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज भारत को अब तक कोई अंक नहीं मिल पाया है।
भारत को दूसरे हाफ में एसवी सुनील के पास पर युवराज वाल्मीकि को गलत ढंग से रोकने पर पेनल्टी स्ट्रोक मिला। इंग्लैंड ने इस पर रेफरल मांगा और फैसला पलट कर इंग्लैंड के हक में गया। इंग्लैंड ने मौके भुनाए और हमने गंवाए। बस यही अंतर रहा।
इंग्लैंड ने पहले पेनल्टी कॉर्नर पर मार्क ग्लीहॉर्न के गोल से बढ़त ली। भारत ने धर्मवीर के गोल से बराबरी पाई। मेंटल ने आखिरी क्षणों में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदल जीत उसकी झोली में डाल दी।
भारत के चीफ कोच टैरी वॉल्श ने कहा, "अफसोस और निराशा इस बात की कि अच्छा खेलने के बावजूद हमें यहां शुरू के दोनों मैचों में हार मिली। यह बात भी माननी होगी कि हमारे सामने पहले मैच में दुनिया की पांचवें नंबर की टीम बेल्जियम और सोमवार को चौथे नंबर की टीम इंग्लैंड थी। लड़कों की इस बात के लिए तारीफ करनी होगी कि वह टूर्नामेंट में बेहतर खेल रहे हैं।"
ऑस्ट्रेलिया की दूसरी जीत
ऑस्ट्रेलिया ने स्पेन को 3-0 से हराकर टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत दर्ज की। ऑस्ट्रेलिया के लिए टिमॉथी डेविन, कप्तान मार्क नोल्स और किन गोवर्स ने एक-एक गोल किया।
इस जीत के बाद ऑस्ट्रेलिया के 2 मैचों से 6 अंक हो गए हैं जबकि स्पेन के इतने ही मैचों से एक अंक हैं।