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'मंदिरों के शहर' भुवनेश्वर में हॉकी विश्व कप की बड़ी धूम

Tue, 27 Nov 2018 03:29 AM IST
सत्येन्द्र पाल सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Hockey World Cup 2018
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भुवनेश्वर को मंदिरों की नगरी कहा जाता है। शहर में हर चौराहे पर मंदिर है। ऐतिहासिक लिंगराज मंदिर, बेहद सुंदर राजा-रानी मंदिर और श्रीराम मंदिर सहित छोटे बड़े मिलाकर एक हजार से ज्यादा मंदिर होंगे। यह भुवनेश्वर की पहचान वाकई मंदिरों के शहर और भक्तों की नगरी के रूप में कराता है। भुवनेश्वर भक्ति रस में डूबा शहर लगता है। यहां बुधवार से शुरू हो रहे 14 वें पुरुष हाक़ी विश्व कप से पहले ही भुवनेश्वर में हॉकी की धूम दिखाई देती है।

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 दिल्ली से सुबह बीजू पटनायक हवाईअड्डे पर उतरने पर हवाईअड्डे के भीतर ही भारत के कप्तान सेंटर हाफ मनप्रीत सिंह, उपकप्तान चिंगलेनसाना सिंह के साथ, अर्जेंटीना के गोंजालो पिलात, ऑस्ट्रेलिया के एरोन जेलवस्की जैसे दुनिया के हॉकी धुरंधरों केआदमकद फोटो यह अहसास करा रहे हैं कि मंदिरों के शहर भुवनेश्वर में अब हॉकी की धूम है।

दुनिया की शीर्ष 16 टीमों के धुरंधर खिलाड़ियों के आदमकद चित्रों के साथ आकर्षक वाक्य लिखा है, नायक बनते हैं महानायक। हॉकी विश्व कप के लिए यह प्रेरक वाक्य दुनिया भर के नवोदित हॉकी खिलाड़ियों के लिए खुद को महानायक बनाने का मौका मुहैया करा रहा है । भारत के दिलप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, नीलकांत सिंह सरीखे नौजवान खिलाड़ियों के लिए यह मंच बेहतरीन साबित हो सकता है। 
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ओडिशा के लिए हॉकी एक बड़ा उत्सव 
दरअसल, ओडिशा 2014 में चैंपियंस ट्रॉफी, 2017 में हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल्स के बाद हॉकी विश्व कप की मेजबानी कर खुद को कामयाब मेजबान साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। इस विश्व कप में मेजबान ओडिशा से आने वाले बीरेन्द्र लाकड़ा और अमित रोहिदास भारतीय हॉकी टीम के किले के मजबूत प्रहरी के रूप में जब मैदान पर उतरेंगे तो अब करीब 16 करीब हजार की दर्शक क्षमता वाले कलिंगा एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम में हर कोई उनके साथ पूरी टीम की हौसलाअफजाई के लिए मौजूद रहेगा।

ओडिशा में हॉकी इस राज्य के बाशिंदों के लिए 'बड़े हॉकी उत्सव' का मौका होगी। सबसे रोचक बात यह है कि बीरेन्द्र लाकड़ा और अमित रोहिदास के भारतीय हॉकी टीम में शामिल लिए जाने को लेकर ही पहले सवालिया निशाना लगाया गया था। चीफ हॉकी कोच हरेन्द्र सिंह ने हालांकि इस धुंध को यह कहते हुए साफ किया कि किले के दोनों प्रहरी शुरू से ही उनके 18 खिलाड़ियों की सूची में थे। 

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पाक टीम नहीं करेगी बेअदबी : हसन सरदार

पाकिस्तान को 1982 में बॉम्बे (अब मुंबई) में विश्व कप जितवाने वाले अपने जमाने के बेहतरीन सेंटर फॉरवर्ड हसन सरदार इस बार टीम मैनेजर के तौर पर यहां आए हैं। उन्होंने कहा, ‘1982 के बॉम्बे हॉकी विश्व कप से लेकर मेरी बहुत मीठी यादें जुड़ी हैं। हमारे यहां पहुंचने पर हिंदुस्तान के हॉकी प्रेमियों का हमें जो प्यार मिला उससे मैं बहुत खुश हूं।’

जब उनसे यहां 2014 मे चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के अशोभनीय व्यवहार की बाबत सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘टीम प्रबंधन ने सभी खिलाड़ियों को ताकीद कर रखी है कि वे दर्शकों से किसी भी तरह से उलझने से बचे। मैदान पर पूरी खेल भावना से खेलें। मुझे पूरी उम्मीद है कि  मैदान पर खिलाड़ी किसी भी तरह की बेअदबी नहीं करेंगे।’ 

उन्होंने कहा, ‘हमारी टीम ग्रुप आफ डेथ कहे जा रहे ग्रुप डी में है। हमारा लक्ष्य क्वार्टर फाइनल में पहुंचना है। हमारी टीम उसी पद्धति से खेल रही है जिससे कि रोलैंट ओल्टमैंस ने हमारी टीम को खिलाना शुरू किया था।’
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