पहले क्वार्टर में हालांकि नीदरलैंड का प्रदर्शन अच्छा रहा और उसने बढ़त भी बनाई। वर्गा ने 13वें मिनट माइक्रो प्रूइज्सर के रिवर्स हिट क्रास पर यह गोल किया। जर्मन टीम को पहला क्वार्टर समाप्त होने से ठीक पहले पेनल्टी कार्नर भी मिला लेकिन भाग्य ने उसका साथ नहीं दिया और मैथियस मुलर का शाट पोस्ट से टकरा गया।
जर्मनी ने इसके बाद भी दबाव बनाये रखा और उसे लगातार दो पेनल्टी कार्नर मिले। इनमें से दूसरे पर मुलर ने गोल दागा। हाफ टाइम के बाद भी जर्मनी का आक्रामक रवैया बरकरार रहा लेकिन वह नीदरलैंड था जिसे दो मिनट के अंदर चार पेनल्टी कार्नर मिले। उसने हालांकि ये सभी मौके गंवा दिए।
नीदरलैंड को यह चूक भारी पड़ी और जर्मनी ने अपने चौथे पेनल्टी कार्नर को गोल में बदल दिया। उसकी तरफ से यह गोल विंडफडर ने किया। इसके दो मिनट बाद मिल्टकाउ ने निकलास वेलेन के पास पर गोल करके स्कोर 3-1 कर दिया। जर्मनी यहीं पर नहीं रूका। उसे अंतिम हूटर बजने से दो मिनट पहले पेनल्टी स्ट्रोक मिला जिसे रूहर ने गोल में बदला।