भारत और पाकिस्तान के बीच टूर्नामेंट का बहुचर्चित मुकाबला नौ अगस्त को होना है। रेहान ने कहा, ‘मैंने सुना है कि भारत-पाकिस्तान मैच के सारे टिकट बिक गए हैं। इस मैच का जबर्दस्त क्रेज है और मुझे लगता है कि भारत-पाकिस्तान हॉकी की इस लोकप्रियता को भुनाने के लिए द्विपक्षीय हॉकी फिर शुरू होनी चाहिए। प्रायोजकों, प्रसारकों और खिलाड़ियों सभी को इससे फायदा होगा।’ जर्मनी में चैंपियंस ट्रॉफी 2002 में आखिरी मिनटों में दो गोल करके पाकिस्तानी टीम को भारत पर चमत्कारिक जीत दिलाने वाले बट ने कहा, ‘ मैंने दुनिया भर में हॉकी खेली है लेकिन जो मजा भारत में खेलने में आता था, वह और कहीं नहीं। ऐसा लगता था मानो हम पाकिस्तान में ही खेल रहे हैं। यहां हमें हमेशा बहुत प्यार मिला और अच्छे दोस्त भी बने।’
आखिरी बार चेन्नई में 2007 एशिया कप में खेलने वाले इस स्टार फॉरवर्ड ने भारत के खिलाफ मैच के दबाव के बारे में कहा, ‘ चूंकि हमारी टीम युवा है और भारत दुनिया की चौथे नंबर की टीम है तो खिलाड़ियों पर दबाव तो रहेगा ही। लेकिन भारत पर अपनी धरती पर खेलने का दबाव रहेगा। अगर हमारी टीम भारत के खिलाफ अच्छा खेलती है तो उसका आत्मविश्वास बढेगा।’ हमारे युवा खिलाड़ियों में काफी संभावना है और एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में खेलकर उन्हें अच्छा अनुभव मिलेगा। हम एशियाई खेलों के जरिये ही ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना चाहते हैं। इसी के लिए पाकिस्तानी हॉकी का बुनियादी ढांचा भारत की तरह मजबूत बनाने पर काम कर रहे हैं। जूनियर खिलाड़ियों का सीनियर स्तर खेलने का माध्यम बनेगा यह टूर्नामेंट।’