हॉकी इंडिया के भीतर चल रही खींचतान जारी है। अब महासचिव भोलानाथ सिंह ने छह अक्तूबर को कार्यकारी बोर्ड की बैठक बुलाई है जिस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा कि उन्हें बताए बिना और उनसे स्वीकृति लिये बिना यह बैठक बुलाई गई है। पिछले कई दिनों से हॉकी इंडिया में विवाद चल रहा है जो थमने का नाम नहीं ले रहा है।
भोलानाथ ने कार्यकारी बोर्ड को भेजा ई-मेल
एशियन गेम्स के लिए जापान गए भोलानाथ ने कार्यकारी बोर्ड को गुरुवार भेजे गए ई-मेल में कहा, 'हॉकी इंडिया कार्यकारी समिति की 120वीं बैठक छह अक्तूबर 2026 को दोपहर 12 बजे हॉकी इंडिया के दिल्ली कार्यालय में होगी।' महासचिव द्वारा भेजे गई ईमेल के अनुसार बैठक के एजेंडे में ओडिशा हॉकी संघ के चुनाव का मसला प्रमुख है। इसके अलावा टिर्की द्वारा महासंघ के कुछ अधिकारियों के खिलाफ की गई पुलिस शिकायत का मसला भी शामिल है।
टिर्की बोले- बिना मंजूरी लिए बुलाई बैठक
इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए टिर्की ने कहा, मैं हॉकी इंडिया कार्यकारी बोर्ड की प्रस्तावित 120वीं बैठक का विरोध करता हूं जो मुझे बताए बिना या मंजूरी लिए बिना बुलाई गई है। इससे पहले भी महासचिव ने मुझसे स्वीकृति लिए बिना या बताये बिना 18 सितंबर को कार्यकारी बोर्ड की आपात बैठक बुलाई थी। उस समय मैने तत्कालीन महानिदेशक (कमांडर आर के श्रीवास्तव) से कुछ जवाब मांगे थे जो अभी तक नहीं मिले हैं। मैं उस बैठक में मौजूद भी नहीं था। अब फिर मेरी मंजूरी के बिना बैठक बुला ली गई है और एजेंडे में फोकस ओडिशा हॉकी संघ के चुनाव पर हैं। मेरी समझ में नहीं आ रहा कि हॉकी इंडिया कार्यकारी बोर्ड स्तर पर प्रदेश संघ के चुनाव में इतनी रूचि क्यो ले रहा है जबकि कई जरूरी मसलों पर तुरंत तवज्जो देने की दरकार है।
टिर्की ने दर्ज कराई है शिकायत
टिर्की ने पिछले सप्ताह हॉकी इंडिया अधिकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और उन पर ‘आपराधिक विश्वासघात, चोरी, जान जोखिम में डालने और गलत तरीके से परित्याग’ का आरोप लगाया। टिर्की द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में उनकी संपत्तियों और दस्तावेजों की तत्काल बरामदगी की भी मांग की गई थी। शिकायत में हॉकी इंडिया के पूर्व कार्यकारी निदेशक कमांडर आर के श्रीवास्तव, हॉकी इंडिया के वित्त प्रबंधक सुबोध कुमार, हॉकी इंडिया के निदेशक भूषण कुमार और वाहन के चालक हरमिंदर सिंह के नाम शामिल हैं। श्रीवास्तव को हालिया एफआईएच विश्व कप के दौरान केसरिया जर्सी विवाद के बाद टिर्की ने पद से हटा दिया था।